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Bijnor News: गंगा में उफान, खादरवासियों की नियति बनी पतवार

Sun, 06 Jul 2025 12:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Sun, 06 Jul 2025 12:12 AM IST
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Ganga in spate, fate of Khadar residents becomes a rudder
डूब न जाए जिंदगी: गंगा उफान पर है। मंडावर क्षेत्र के गांव डैबलगढ़ में किसान नाव से चारा लेने गं
चंदक/बिजनौर। गंगा में उफान के बाद खादर के लोगों का सहारा नाव की पतवार बन गई है। किसानों को हर रोज खेत की देखभाल और चारे के लिए गंगा के पार जाना और आना पड़ता है। हालांकि ग्रामीण सर्दियों में पीपे के पुल से नदी की धारा को पार कर लेते हैं।
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दोपहर एक बजे गांव डैबलगढ़ की आबादी के एक छोर पर नाव आकर रुकी। इस नाव से 35 लोग उतरते हैं। इनमें 16 महिलाएं हैं, जो अपने अपने पशुओं के लिए घास और चारा लेने के लिए गंगा के पार गई थी। लोगों के अनुसार उनका तो यही यातायात का साधन है। घास की गठरी लेकर नाव से उतरी कमला ने बताया कि पशुपालन से उनका घर चलता है और पशुओं के लिए रोज ही चारा लाना पड़ता है। नाव से ही शुभग बाइक सहित उतरा। शुभम बाइक लेकर अपने खेत पर गया था, बीच में गंगा थी तो उसने नाव से पार किया।
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खेतों का कटान करने लगा गंगा में उतार चढ़ाव
पहाड़ की बारिश से गंगा में उफान आ रहा है, अगर बारिश कम हो जाए तो जलस्तर भी गिरने लगता है। इससे गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव बना हुआ है। गंगा खेतों का कटान भी करने लगी है। सीमली गांव के दयाराम ने बताया कि करीब बीस बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है।
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तीस सालों से बिजनौर की तरफ बढ़ रही गंगा
सीमली गांव निवासी 65 वर्षीय दयाराम बताते हैं कि पिछले तीस सालों से गंगा की धारा अपना रुख बदल रही है। कभी तीन से चार किलोमीटर दूर हुआ करती थी। तब सीमली गांव के पश्चिम दिशा में गांव वालों की 1000 से बीघा जमीन थी। अब यह जमीन सिर्फ कागजों में रह गई है, धरातल पर गंगा की धारा है। गांव के अधिकांश लोग कटान के चलते भूमिहीन हो चुके हैं। करीब तीस सालों से गंगा लगातार उनकी गांव सीमली यानि जनपद बिजनौर की ओर बढ़ रही है। बताया कि उनका गांव भी गंगा में समा गया होता अगर तत्कालीन सांसद भारतेंद्र सिंह ने गांव के पास तटबंध ना बनवाया होता।


गंगा में उफान रहा बरकरार
शनिवार को बिजनौर गंगा बैराज पर सुबह आठ बजे जलस्तर 219.60 मीटर दर्ज किया गया जोकि खतरे के निशान से महज 40 सेंटीमीटर दूर ही रहा। उधर शाम चार बजे भी गंगा का जलस्तर यही बना रहा। शाम चार बजे बिजनौर बैराज से 80 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया।
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