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बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी
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बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी
धामपुर। एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने बताया कि बाढ़ से निपटने को पूरी तरह से कार्ययोजना बना ली गई है। क्षेत्र में कुल 99 गांव बाढ़ से प्रभावित होते है। इनमें 24 गांवों में निम्न, 64 गांवों में मध्य और 11 गांवों में उच्च स्तर की बाढ़ की संभावना रहती है। इनमें से 19 गांव गागन नदी, 29 खो नदी, 48 गांव रामगंगा नदी, दो दो गांव नचना कटा नदी और एक गांव फीका नदी से प्रभावित होता है। दस बाढ़ चौकियां , 14 आश्रय स्थल बनाए गए हैं। जिनपर पुलिस व अधिकारियों, कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। प्रत्येक बाढ़ सुरक्षा चौकियों पर जनता के जीवन से संबंधित उपयोगी वस्तुु गुड़, गेेहूं , चावल, चीनी, मिट्टी का तेल, नमक, माचिस, आटा आदि की व्यवस्था क्षेत्रों के पूर्ति निरीक्षकों को सौंपी है।
2010 में टूटा था हरेवली बंधा
साल 2010 में अत्यधिक वर्षा के कारण कालागढ़ रामगंगा बांध से पानी छोड़ने के कारण हरेवली का बंधा ध्वस्त हो गया था। जिसके कारण 17 गांवों में बाढ़ की स्थिति बनने लोग प्रभावित हुए थे। मकानों, फसलों का नुकसान हुआ था। बाढ़ से गांव अराजी कंधला, महापुर, शाहकोट, रफैतपुर हुलास, मकसुदाबाद, मुबारकपुर टप्पा भारती, हाफिजाबाद बिहारीपुर, मोहम्मदपुर जमाल, आसफाबाद भवन, आजमपुर जमनीभान, औरंगाशाहपुर नारायण, फतेहपुर जमाल, तिपरजोत, बेरखेड़ा टांडा, अमीनाबाद, शाहलीपुर नीचल आदि गांवों की आबादी में दो से आठ फीट तक जलभराव हुआ था।2018-9 में खो नदी ने कई गांवों में तबाही मचाई थी।
बगैर मोटरवाली पांच नावों की व्यवस्था
अधिकारियों ने बताया कि तहसील क्षेत्र में पांच नावों की व्यवस्था की गई है। इनमें से एक एक नाव बरेखेड़ा टांडा घाट, तिपरजोत, रामगंगा भूतपुरी, हरेवली, बरेखेड़ा, रामगंगा घाट पर रखी गई है। प्रत्येक नाव की क्षमता 30 सवारियों की है। बताया गया कि पीलीबांध पर 35 नाव है। 15 चालू हालत में है। सभी बिना मोटरवाली नाव हैं।
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धामपुर। एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने बताया कि बाढ़ से निपटने को पूरी तरह से कार्ययोजना बना ली गई है। क्षेत्र में कुल 99 गांव बाढ़ से प्रभावित होते है। इनमें 24 गांवों में निम्न, 64 गांवों में मध्य और 11 गांवों में उच्च स्तर की बाढ़ की संभावना रहती है। इनमें से 19 गांव गागन नदी, 29 खो नदी, 48 गांव रामगंगा नदी, दो दो गांव नचना कटा नदी और एक गांव फीका नदी से प्रभावित होता है। दस बाढ़ चौकियां , 14 आश्रय स्थल बनाए गए हैं। जिनपर पुलिस व अधिकारियों, कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। प्रत्येक बाढ़ सुरक्षा चौकियों पर जनता के जीवन से संबंधित उपयोगी वस्तुु गुड़, गेेहूं , चावल, चीनी, मिट्टी का तेल, नमक, माचिस, आटा आदि की व्यवस्था क्षेत्रों के पूर्ति निरीक्षकों को सौंपी है।
2010 में टूटा था हरेवली बंधा
साल 2010 में अत्यधिक वर्षा के कारण कालागढ़ रामगंगा बांध से पानी छोड़ने के कारण हरेवली का बंधा ध्वस्त हो गया था। जिसके कारण 17 गांवों में बाढ़ की स्थिति बनने लोग प्रभावित हुए थे। मकानों, फसलों का नुकसान हुआ था। बाढ़ से गांव अराजी कंधला, महापुर, शाहकोट, रफैतपुर हुलास, मकसुदाबाद, मुबारकपुर टप्पा भारती, हाफिजाबाद बिहारीपुर, मोहम्मदपुर जमाल, आसफाबाद भवन, आजमपुर जमनीभान, औरंगाशाहपुर नारायण, फतेहपुर जमाल, तिपरजोत, बेरखेड़ा टांडा, अमीनाबाद, शाहलीपुर नीचल आदि गांवों की आबादी में दो से आठ फीट तक जलभराव हुआ था।2018-9 में खो नदी ने कई गांवों में तबाही मचाई थी।
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बगैर मोटरवाली पांच नावों की व्यवस्था
अधिकारियों ने बताया कि तहसील क्षेत्र में पांच नावों की व्यवस्था की गई है। इनमें से एक एक नाव बरेखेड़ा टांडा घाट, तिपरजोत, रामगंगा भूतपुरी, हरेवली, बरेखेड़ा, रामगंगा घाट पर रखी गई है। प्रत्येक नाव की क्षमता 30 सवारियों की है। बताया गया कि पीलीबांध पर 35 नाव है। 15 चालू हालत में है। सभी बिना मोटरवाली नाव हैं।
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