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चुनाव में बंट रहे फल, महंगे हुए दाम
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चुनाव में बंट रहे फल, महंगे हुए दाम
बिजनौर। ग्राम प्रधान, जिला पंचायत के सदस्य का चुनाव लड़ने वालों के समर्थक सुबह को मंडी में फलों के आते ही मनमाने दामों में ट्रैक्टर ट्रॉली में फलों को भरकर ले जाते हैं। दावा किया जा रहा है कि इस वजह से ही नवरात्र और रमजान में फलों के दाम आसमान छूने लगे हैं। चुनाव के बाद ही फलों के सस्ते होने की उम्मीद है।
पंचायत चुनाव में दावतों का दौर चल रहा है। वोटरों को लुभाने के लिए घर-घर वोटरों को मिठाई व फल बांटे जा रहे हैं। दिन ढलते ही गांवों में शराब बंटनी शुरू हो जाती है। ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने वाले हों या जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी, सभी चुनाव में खूब पैसा बरसा रहे हैं। प्रत्याशियों के समर्थक दिन निकलते ही सब्जी मंडी पहुंच जाते हैं। बाहर से आने वाले फल जिस दाम में मिलते हैं, बिना मोलभाव किए ही उनको ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर ले जाते हैं। सबसे ज्यादा पपीता और केले को लेकर मारामारी मची है। हर कोई पपीता और केला खरीदना पसंद कर रहा है।
चुनाव की वजह से बृहस्पतिवार को अंगूर 120 रुपये किलो, पपीता 60 रुपये किलो, सेब 200 रुपये किलो, केला 70 से 80 रुपये दर्जन, खरबूजा 60 से 68 रुपये किलो बिक रहा है। अन्य फलों के दाम के भी ये ही हाल हैं। बाहर से फल लाने वालों की नजर पहले प्रत्यशियों के समर्थकों की ओर जाती है। समर्थकों से बचा फल मंडी से बाजार में आता है। इस वजह से ही नवरात्र व रमजान में लोगों को मंहगे फल मिल रहे हैं। चुनाव के बाद फलों के दाम कम होने की उम्मीद है। सब्जी व फल फुटकर विक्रेता यूनियन के अध्यक्ष दिलशाद अंसारी के मुताबिक पंचायत चुनाव की वजह से फल मंहगे हो रहे हैं। प्रत्याशी चुनाव में फल बांट रहे हैं। चुनाव के बाद फलों के सस्ता होने की उम्मीद है।
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बिजनौर। ग्राम प्रधान, जिला पंचायत के सदस्य का चुनाव लड़ने वालों के समर्थक सुबह को मंडी में फलों के आते ही मनमाने दामों में ट्रैक्टर ट्रॉली में फलों को भरकर ले जाते हैं। दावा किया जा रहा है कि इस वजह से ही नवरात्र और रमजान में फलों के दाम आसमान छूने लगे हैं। चुनाव के बाद ही फलों के सस्ते होने की उम्मीद है।
पंचायत चुनाव में दावतों का दौर चल रहा है। वोटरों को लुभाने के लिए घर-घर वोटरों को मिठाई व फल बांटे जा रहे हैं। दिन ढलते ही गांवों में शराब बंटनी शुरू हो जाती है। ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने वाले हों या जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी, सभी चुनाव में खूब पैसा बरसा रहे हैं। प्रत्याशियों के समर्थक दिन निकलते ही सब्जी मंडी पहुंच जाते हैं। बाहर से आने वाले फल जिस दाम में मिलते हैं, बिना मोलभाव किए ही उनको ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर ले जाते हैं। सबसे ज्यादा पपीता और केले को लेकर मारामारी मची है। हर कोई पपीता और केला खरीदना पसंद कर रहा है।
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चुनाव की वजह से बृहस्पतिवार को अंगूर 120 रुपये किलो, पपीता 60 रुपये किलो, सेब 200 रुपये किलो, केला 70 से 80 रुपये दर्जन, खरबूजा 60 से 68 रुपये किलो बिक रहा है। अन्य फलों के दाम के भी ये ही हाल हैं। बाहर से फल लाने वालों की नजर पहले प्रत्यशियों के समर्थकों की ओर जाती है। समर्थकों से बचा फल मंडी से बाजार में आता है। इस वजह से ही नवरात्र व रमजान में लोगों को मंहगे फल मिल रहे हैं। चुनाव के बाद फलों के दाम कम होने की उम्मीद है। सब्जी व फल फुटकर विक्रेता यूनियन के अध्यक्ष दिलशाद अंसारी के मुताबिक पंचायत चुनाव की वजह से फल मंहगे हो रहे हैं। प्रत्याशी चुनाव में फल बांट रहे हैं। चुनाव के बाद फलों के सस्ता होने की उम्मीद है।
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