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Bijnor News: शूटर सुमित को सजा दिलाने में अहम रहीं चार गवाही
Sat, 25 May 2024 01:53 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sat, 25 May 2024 01:53 AM IST
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बिजनौर। यूं तो अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाहों को पेश किया गया, मगर शूटर सुमित को आजीवन कारावास की सजा दिलाने में चार गवाही बेहद अहम रहीं। इन चार गवाहों ने कोर्ट में हुए शाहनवाज हत्याकांड के प्रमुख पहलुओं पर गवाही दी। वहीं पुलिस की ओर से भी केस के विवेचक और कोर्ट मोहर्रिर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
17 दिसंबर 2019 को बिजनौर कोर्ट में घुसकर पेशी पर आए शाहनवाज की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। शाहनवाज को उसके मरने तक 11 गोली मारी गईं। हत्याकांड को अंजाम देने वाले सुमित निवासी लिलोनखेड़ी जनपद शामली, साहिल निवासी नजीबाबाद और अकराज निवासी किरतपुर को पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार करते हुए कोर्ट मोहर्रिर मनीष के जबड़े में गोली लगी थी। इस केस में बृहस्पतिवार को सुमित को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हालांकि नाबालिग होने की वजह से साहिल और अकराज की सुनवाई पर हाईकोर्ट का स्टे है।
इस केस में 11 गवाहों ने गवाही दी। मगर कोर्ट पैरोकार विकास, कोर्ट मोहर्रिर मनीष, कोर्ट मोहर्रिर मोहित कुमार और दरोगा ओमकार की गवाही अभियुक्त सुमित को सजा दिलाने में अहम रही। बताया गया कि उक्त चारों गवाह कोर्ट में हुए हत्याकांड के चश्मदीद गवाह थे। जिन्होंने पूरी वारदात को देखा था और आरोपियों को पकड़ने में भी अहम भूमिका निभाई थी। बता दें कि नजीबाबाद निवासी हाजी अहसान और उनके भांजे शादाब की हत्या में शाहनवाज को आरोपी बनाया गया था। हाजी अहसान हत्याकांड में ही शाहनवाज को पेशी पर लाया गया था। हाजी अहसान की हत्या का बदला लेने के लिए कोर्ट में शाहनवाज की हत्या कर दी गई थी।
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वर्जन:::
ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत आरोपी को अधिक से अधिक सजा दिलाने के लिए इस केस की कोर्ट में मजबूती से पैरवी की जा रही थी। इसके चलते ही आजीवन कारावास की सजा हो सकी। इस केस को लेकर कोर्ट पैरोकार और विवेचक को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। ....नीरज कुमार जादौन, एसपी
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17 दिसंबर 2019 को बिजनौर कोर्ट में घुसकर पेशी पर आए शाहनवाज की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। शाहनवाज को उसके मरने तक 11 गोली मारी गईं। हत्याकांड को अंजाम देने वाले सुमित निवासी लिलोनखेड़ी जनपद शामली, साहिल निवासी नजीबाबाद और अकराज निवासी किरतपुर को पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार करते हुए कोर्ट मोहर्रिर मनीष के जबड़े में गोली लगी थी। इस केस में बृहस्पतिवार को सुमित को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हालांकि नाबालिग होने की वजह से साहिल और अकराज की सुनवाई पर हाईकोर्ट का स्टे है।
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इस केस में 11 गवाहों ने गवाही दी। मगर कोर्ट पैरोकार विकास, कोर्ट मोहर्रिर मनीष, कोर्ट मोहर्रिर मोहित कुमार और दरोगा ओमकार की गवाही अभियुक्त सुमित को सजा दिलाने में अहम रही। बताया गया कि उक्त चारों गवाह कोर्ट में हुए हत्याकांड के चश्मदीद गवाह थे। जिन्होंने पूरी वारदात को देखा था और आरोपियों को पकड़ने में भी अहम भूमिका निभाई थी। बता दें कि नजीबाबाद निवासी हाजी अहसान और उनके भांजे शादाब की हत्या में शाहनवाज को आरोपी बनाया गया था। हाजी अहसान हत्याकांड में ही शाहनवाज को पेशी पर लाया गया था। हाजी अहसान की हत्या का बदला लेने के लिए कोर्ट में शाहनवाज की हत्या कर दी गई थी।
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ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत आरोपी को अधिक से अधिक सजा दिलाने के लिए इस केस की कोर्ट में मजबूती से पैरवी की जा रही थी। इसके चलते ही आजीवन कारावास की सजा हो सकी। इस केस को लेकर कोर्ट पैरोकार और विवेचक को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। ....नीरज कुमार जादौन, एसपी