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पांच मामलों में पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब की जमानत याचिका निरस्त
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पांच मामलों में पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब की जमानत याचिका निरस्त
बिजनौर। सीजेएम दिलीप सचान ने सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान शहर में हुई हिंसा, मारपीट और तोड़फोड़ के पांच मामलों में पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। इन पांचों मामलों में सीजेएम के यहां से जमानत याचिका निरस्त होने के बाद जावेद आफताब द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई है। इस पर सुनवाई की तिथि चार अगस्त नियत की गई है।
20 दिसंबर 2019 को बिजनौर शहर में सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान 200-250 उपद्रवियों की हिंसक भीड़ ने सिविल लाइन, जजी क्षेत्र में जमकर बवाल किया था। अनेक जगह तोड़फोड़ हुई थी व मारपीट की गई थी। इस संबंध में विंटर प्रोडक्ट के स्वामी सुधीर कुमार ने अपने शोरूम में तोड़फोड़ करने तथा उनकी कार तोड़ने, मारपीट करने, फोटोग्राफर विपिन कुमार द्वारा मारपीट व कैमरा छीन लिए जाने, रंगोली टेंट हाउस के प्रोपराइटर संजीव कुमार द्वारा उनकी दुकान में तोड़फोड़ व दो स्कूटर क्षतिग्रस्त करने, सिविल लाइन में गप्पू गोल रेस्टोरेंट के स्वामी अंबुज गर्ग द्वारा रेस्टोरेंट में तोड़फोड़, स्टाफ में मारपीट करने, रंगोली केमिकल्स के स्वामी अभिषेक अग्रवाल द्वारा उनसे व उनसे कर्मचारियों से मारपीट दुकान में तोड़फोड़ करने में अलग अलग पांच रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इन पांचों मामलों में जावेद आफताब की सक्रिय भूमिका पुलिस जांच में सामने आई थी। पुलिस इन पांचों मामलों में साक्ष्य अदालत में दाखिल कर चुकी है। सीजेएम ने इन पांचों मामलों में जावेद आफताब की जमानत याचिका निरस्त की है। इसके अलावा जावेद आफताब का नाम शिप्रा होटल में हुई तोड़फोड़ में भी सामने आया था। उसमे भी जावेद आफताब की जमानत याचिका पहले ही निरस्त की जा चुकी है। इसमें सुनवाई की तिथि पांच अगस्त निर्धारित की गई है।
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बिजनौर। सीजेएम दिलीप सचान ने सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान शहर में हुई हिंसा, मारपीट और तोड़फोड़ के पांच मामलों में पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। इन पांचों मामलों में सीजेएम के यहां से जमानत याचिका निरस्त होने के बाद जावेद आफताब द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई है। इस पर सुनवाई की तिथि चार अगस्त नियत की गई है।
20 दिसंबर 2019 को बिजनौर शहर में सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान 200-250 उपद्रवियों की हिंसक भीड़ ने सिविल लाइन, जजी क्षेत्र में जमकर बवाल किया था। अनेक जगह तोड़फोड़ हुई थी व मारपीट की गई थी। इस संबंध में विंटर प्रोडक्ट के स्वामी सुधीर कुमार ने अपने शोरूम में तोड़फोड़ करने तथा उनकी कार तोड़ने, मारपीट करने, फोटोग्राफर विपिन कुमार द्वारा मारपीट व कैमरा छीन लिए जाने, रंगोली टेंट हाउस के प्रोपराइटर संजीव कुमार द्वारा उनकी दुकान में तोड़फोड़ व दो स्कूटर क्षतिग्रस्त करने, सिविल लाइन में गप्पू गोल रेस्टोरेंट के स्वामी अंबुज गर्ग द्वारा रेस्टोरेंट में तोड़फोड़, स्टाफ में मारपीट करने, रंगोली केमिकल्स के स्वामी अभिषेक अग्रवाल द्वारा उनसे व उनसे कर्मचारियों से मारपीट दुकान में तोड़फोड़ करने में अलग अलग पांच रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इन पांचों मामलों में जावेद आफताब की सक्रिय भूमिका पुलिस जांच में सामने आई थी। पुलिस इन पांचों मामलों में साक्ष्य अदालत में दाखिल कर चुकी है। सीजेएम ने इन पांचों मामलों में जावेद आफताब की जमानत याचिका निरस्त की है। इसके अलावा जावेद आफताब का नाम शिप्रा होटल में हुई तोड़फोड़ में भी सामने आया था। उसमे भी जावेद आफताब की जमानत याचिका पहले ही निरस्त की जा चुकी है। इसमें सुनवाई की तिथि पांच अगस्त निर्धारित की गई है।
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