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Bijnor News: बिना नदी के बाढ़ जैसे हालात, हजार बीघा से ज्यादा फसल पानी में डूबी

Wed, 30 Sep 2026 01:26 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2026 01:26 AM IST
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Former ASPA leader and two others arrested for filing false rape case
पेड़ को पेड़ का सहाराजलीलपुर में जलभराव से गिरते पेड़ों को रस्सी बांधकर सीधे खड़े पेड़ों का स - फोटो : संरक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले रेलकर्मियों को सम्मानित करते प्रयागराज डीआरएम रजनीश अग्रवाल रेलवे
आलम फरीदी
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जलीलपुर। अक्सर नदियों के निकटवर्ती गांवों में बाढ़ देखने को मिलती है, लेकिन गांव रवाना, बेरखेड़ा, कुतुबपुर गांवड़ी आदि के जंगल में बिना नदी के बाढ़ जैसे हालात हैं। जंगल के बाद पानी ने आबादी की ओर रुख कर लिया है। एक हजार बीघा से ज्यादा फसल में बरसात का पानी भरा है। कुछ किसानों की फसल नष्ट होने की कगार पर है।
चांदपुर तहसील कार्यालय से दस किलोमीटर और ब्लाॅक जलीलपुर मुख्यालय से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर गांव रवाना और बेरखेड़ा आबाद हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के नजदीक कोई नदी नहीं है फिर भी एक महीने से फसलों में बरसात का पानी भरा हुआ है। गांव रवाना की आबादी में भी पानी है। बेरखेड़ा और बेगमपुर के रास्ते पर दो स्थानों पर एक फीट से अधिक पानी बह रहा है। गांव रवाना, बेरखेड़ा, कुतुबपुर गांवड़ी के खेत जलमग्न हैं। गांव कमालपुर के भी कुछ खेतों में पानी घुसा हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी का सामना गांव रवाना वासियों को करना पड़ रहा है। बेरखेड़ा में बनी अस्थायी गोशाला के मैदान में और चारों तरफ जलभराव है। किसान धीरज सिंह, इंद्रराज सिंह, नरेंद्र सिंह, मुन्ने खा, जरीश खां, धर्मवीर सिंह, भूरे सिंह, मुन्नु सिंह, जाकिर अहमद, नरेश सिंह, राजू सिंह आदि ने अपने खेतों में पानी भरा होने की बात कही।
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रस्सी बांधकर गिरते पेड़ों को रोकने का प्रयास
गांव बेरखेड़ा और बेगमपुर के बीच एक खेत में खड़े यूकेलिप्टस के पेड़ों को रस्सियों से बांधा गया है। खेत में जलभराव होने से पेड़ गिरने लगे थे। किसान ने गिरते पेड़ों को रस्सी बांधकर सीधे खड़े रखने की कोशिश की। गांव रवाना निवासी किसान नौबहार सिंह ने बताया सोमवार को कुछ सरकारी लोग पानी देखने आए थे। पशुओं का चारा व धान की फसल का नुकसान हुआ है। पानी निकासी का स्थायी समाधान किया जाए।
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गांव के ही व्यापारी इरफान मलिक ने बताया गांव के जंगल में एक महीने से पानी भरा है। अब तो आबादी तक पहुंच गया। जलभराव ज्यादा होने के कारण उनके मकान के सामने से कार व बाइक नहीं निकाली जा सकती है।
लतीफ ने बताया उड़द की फसल नष्ट हो गई है। धान और चारा भी खत्म होने वाला है। उन्होंने बताया कि जंगल में हर साल पानी भर रहा है। इस परेशानी को हल किया जाए।
गांव बेगमपुर निवासी किसान नेता हुकम सिंह गुर्जर ने बताया इन गांवों के जंगल में बरसात के मौसम में हर साल जलभराव हो रहा है। समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। जल निकासी के रास्तों में आए अवरोधों को हटाया जाए। जिन किसानों की फसलों का नुकसान है, उन्हें मुआवजा दिया जाए।

एसडीएम चांदपुर प्रशांत वर्मा ने बताया कि गांव रवाना में पानी निकासी के रास्ते साफ कराए थे। बारिश का पानी फिर से भरा है। गांववासियों की समस्या को हल किया जाएगा। गांव बेरखेड़ा में बनी अस्थायी गोशाला के मैदान व चारों तरफ जलभराव है।
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