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जैन श्रद्धालुओं ने मनाया क्षमावाणी पर्व
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नजीबाबाद। जैन श्रद्धालुओं ने क्षमावाणी पर्व मनाया। पंडित दिवाकर जैन ने कहा कि क्षमा याचना ही मनुष्य की आत्मा की शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग है।
श्री दिगंबर जैन पंचायती और सरजायती मंदिर में श्रद्धालुओं ने क्षमावाणी पर्व पर श्रीजी की पूजा अर्चना की। पंडित दिवाकर जैन का कहना है कि क्षमा शब्द मानवीय जीवन की आधारशिला है। जिसके जीवन में क्षमा है, वही महानता को प्राप्त कर सकता है। क्षमावाणी हमें झुकने की प्रेरणा देती है। दशलक्षण पर्व हमें यही सिख देता है कि क्षमावाणी के दिन हमें अपने जीवन से सभी तरह के बैर को मिटाकर प्रत्येक व्यक्ति से क्षमा मांगनी चाहिए। दूसरों को भी क्षमा करने का भाव है ही क्षमावाणी है। जैन विद्वान जितेंद्र ने कहा कि क्षमावाणी पर्व पर क्षमा को अपने जीवन में उतारना ही सच्ची मानवता है। जैन धर्म के अनुसार क्षमा वीरों का आभूषण है।
इस अवसर पर पारसनाथ जैन, जितेंद्र जैन, जिनेश्वर प्रसाद, दीपक जैन, संदीप जैन, नमन जैन, सुषमा जैन, मिथिलेश जैन, संगीता जैन, अनुभव, राहुल, सुनीता आदि मौजूद रहे।
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श्री दिगंबर जैन पंचायती और सरजायती मंदिर में श्रद्धालुओं ने क्षमावाणी पर्व पर श्रीजी की पूजा अर्चना की। पंडित दिवाकर जैन का कहना है कि क्षमा शब्द मानवीय जीवन की आधारशिला है। जिसके जीवन में क्षमा है, वही महानता को प्राप्त कर सकता है। क्षमावाणी हमें झुकने की प्रेरणा देती है। दशलक्षण पर्व हमें यही सिख देता है कि क्षमावाणी के दिन हमें अपने जीवन से सभी तरह के बैर को मिटाकर प्रत्येक व्यक्ति से क्षमा मांगनी चाहिए। दूसरों को भी क्षमा करने का भाव है ही क्षमावाणी है। जैन विद्वान जितेंद्र ने कहा कि क्षमावाणी पर्व पर क्षमा को अपने जीवन में उतारना ही सच्ची मानवता है। जैन धर्म के अनुसार क्षमा वीरों का आभूषण है।
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इस अवसर पर पारसनाथ जैन, जितेंद्र जैन, जिनेश्वर प्रसाद, दीपक जैन, संदीप जैन, नमन जैन, सुषमा जैन, मिथिलेश जैन, संगीता जैन, अनुभव, राहुल, सुनीता आदि मौजूद रहे।
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