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अनियमितताओं में वन क्षेत्राधिकारी सस्पेंड
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Updated Wed, 27 Dec 2017 11:56 PM IST
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बिजनौर के नजीबाबाद में कार्यरत रहे वन क्षेत्राधिकारी डीके गोयल को खनन संबंधी अनियमितता में संलिप्त पाए जाने में निलंबित कर दिया गया है। इस समय वह गौतमबुद्धनगर के दादरी में तैनात हैं।
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प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फारेस्ट एंड एचओडी डॉ. रूपक डे ने नजीबाबाद में तैनात रहे वन क्षेत्राधिकारी डीके गोयल को 26 दिसंबर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। डीके गोयल 17 जून 2008 से छह सितंबर 2016 तक बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद में तैनात रहे। कौड़िया वन क्षेत्र में तैनाती के दौरान उन पर अवैध खनन, अवैध रूप से पत्थर-रोड़ी और आरबीएम की निकासी में संलिप्त पाए जाने से विभाग को 226.01 लाख रुपये की क्षति पहुंचाने का आरोप था। मुख्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक लखनऊ द्वारा कराई गई जांच में कार्य और पद के प्रति लापरवाही पर डीके गोयल को निलंबित किया गया। डीके गोयल वर्तमान में दादरी में तैनात हैं।
प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर डॉ. रूपक डे ने निलंबन आदेश जारी करते हुए गोयल को मुख्य वन संरक्षक पश्चिमी क्षेत्र मेरठ कार्यालय से संबद्ध किया है। उल्लेखनीय है कि डीके गोयल के कौड़िया वन क्षेत्र में कार्यरत रहते नजीबाबाद-कोटद्वार मार्ग पर अवैध खनन से सूकरो रेल पुल को बड़ी क्षति पहुंची थी। जुलाई 2016 में पुल के पिलरों के नीचे कटान से 23 जुलाई 2016 को रेल पुल का पिलर धराशाई हो गया था। रेलवे को नए सिरे से सूकरो नदी पर रेल पुल का निर्माण कराना पड़ा था।
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