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वन विभाग को मिली ट्रैंकुलाइजर गन
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वन विभाग को मिली ट्रैंकुलाइजर गन
बिजनौर। वन विभाग को शासन की ओर से ट्रैंकुलाइजर गन मिल गई है। इसमें प्रयोग होने वाली दवा भी मिली है। अब कहीं गुलदार को ट्रैंकुलाइज करने के लिए केवल शासन की अनुमति की आवश्यकता होगी।
खेतों व गांवों में गुलदार को देखने के लिए मामले रोज ही सामने आ रहे हैं। पिछले डेढ़ साल में गुलदार ने करीब दस लोगों की जान ले चुका है। गुलदार को ट्रैंकुलाइज करने के लिए वन विभाग को मुख्य वन अधिकारी की अनुमति की आवश्यकता होती है। इसके अलावा विभाग के पास ट्रैंकुलाइजर गन भी नहीं थी। शासन की ओर से अब विभाग को एक ट्रैंकुलाइजर गन मिल गई है। डीएफओ डा.एम सेम्मारन ने बताया कि जरूरत पड़ने पर ट्रैंकुलाइजर गन का प्रयोग किया जाएगा।
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बिजनौर। वन विभाग को शासन की ओर से ट्रैंकुलाइजर गन मिल गई है। इसमें प्रयोग होने वाली दवा भी मिली है। अब कहीं गुलदार को ट्रैंकुलाइज करने के लिए केवल शासन की अनुमति की आवश्यकता होगी।
खेतों व गांवों में गुलदार को देखने के लिए मामले रोज ही सामने आ रहे हैं। पिछले डेढ़ साल में गुलदार ने करीब दस लोगों की जान ले चुका है। गुलदार को ट्रैंकुलाइज करने के लिए वन विभाग को मुख्य वन अधिकारी की अनुमति की आवश्यकता होती है। इसके अलावा विभाग के पास ट्रैंकुलाइजर गन भी नहीं थी। शासन की ओर से अब विभाग को एक ट्रैंकुलाइजर गन मिल गई है। डीएफओ डा.एम सेम्मारन ने बताया कि जरूरत पड़ने पर ट्रैंकुलाइजर गन का प्रयोग किया जाएगा।
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