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वन विभाग का दावा, आबादी से दूर है बाघिन
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वन विभाग का दावा, आबादी से दूर है बाघिन
कालागढ़। वन विभाग ने हनुमान मंदिर के निकट सड़क पर आने वाली बाघिन के आबादी से दूर होने का दावा किया है। वहीं मौके पर विभाग का सशस्त्र गश्ती दल तैनात है। बाघिन के तीन बच्चों के साथ होने की वजह से यह इलाका संवेदनशील हो गया है।
कालागढ़ की केंद्रीय कालोनी में एक सप्ताह से तीन शावकों के साथ बाघिन के सक्रिय होने की वजह से मुख्य मार्ग पर वन विभाग का सशस्त्र गश्ती दल तैनात है। बाघिन के अभी भी सूखासोत में होने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। भिक्कावाला गांव की सीमा से लगे क्षेत्र में बाघिन की आवाज सुने जाने की बात राहगीर कह रहे हैं। वहीं इस क्षेत्र में सुबह शाम बाइकों से आने जाने वालों को गश्ती दलों के नियंत्रण में ही आना जाना पड़ रहा है। मार्निंग वाक पर जाने वाले इंटर कालेज से आगे मार्ग पर जाने से बच रहे हैं। मौसम के सर्द हो जाने पर वन्यजीवों का खतरा दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। वन विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि बाघिन अब केंद्रीय कालोनी से लगे पर्वतों की ओर चली गई है।
गश्ती दलों की तैनाती जारी रहेगी
कालागढ़ के वनक्षेत्राधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि यह इलाका वन्यजीव बाहुल्य है। यहां बाघ, हाथी, गुलदार आदि वनों से आ जाते हैं। हालांकि यहां नजर आने वाली बाघिन अपने तीनों बच्चों के साथ पहाड़ों की ओर चली गई है। नागरिकों व राहगीरों की सुरक्षा को गश्ती दल तैनात रहेगा।
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कालागढ़। वन विभाग ने हनुमान मंदिर के निकट सड़क पर आने वाली बाघिन के आबादी से दूर होने का दावा किया है। वहीं मौके पर विभाग का सशस्त्र गश्ती दल तैनात है। बाघिन के तीन बच्चों के साथ होने की वजह से यह इलाका संवेदनशील हो गया है।
कालागढ़ की केंद्रीय कालोनी में एक सप्ताह से तीन शावकों के साथ बाघिन के सक्रिय होने की वजह से मुख्य मार्ग पर वन विभाग का सशस्त्र गश्ती दल तैनात है। बाघिन के अभी भी सूखासोत में होने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। भिक्कावाला गांव की सीमा से लगे क्षेत्र में बाघिन की आवाज सुने जाने की बात राहगीर कह रहे हैं। वहीं इस क्षेत्र में सुबह शाम बाइकों से आने जाने वालों को गश्ती दलों के नियंत्रण में ही आना जाना पड़ रहा है। मार्निंग वाक पर जाने वाले इंटर कालेज से आगे मार्ग पर जाने से बच रहे हैं। मौसम के सर्द हो जाने पर वन्यजीवों का खतरा दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। वन विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि बाघिन अब केंद्रीय कालोनी से लगे पर्वतों की ओर चली गई है।
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गश्ती दलों की तैनाती जारी रहेगी
कालागढ़ के वनक्षेत्राधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि यह इलाका वन्यजीव बाहुल्य है। यहां बाघ, हाथी, गुलदार आदि वनों से आ जाते हैं। हालांकि यहां नजर आने वाली बाघिन अपने तीनों बच्चों के साथ पहाड़ों की ओर चली गई है। नागरिकों व राहगीरों की सुरक्षा को गश्ती दल तैनात रहेगा।
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