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Bijnor News: त्योहार पर लिए खाद्य नमूने, तीन महीने बाद आएगी रिपोर्ट
Sun, 05 Mar 2023 12:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sun, 05 Mar 2023 12:12 AM IST
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बिजनौर। खाद्य विभाग का खेल निराला है। त्योहार आने पर ही खाद्य विभाग नमूने एकत्र करता है। त्योहार पर लिए जा रहे नमूनों की रिपोर्ट आने में तीन महीने का समय लगता है। अगर कोई दुकानदार मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचता है तो विभाग तीन महीने बाद रिपोर्ट आने पर कार्रवाई करेगा। इससे पहले खाद्य विभाग मिलावटी खाद्य पदार्थों पर लगाम नहीं लगा पा रहा है।
होली, दीपावली, दशहरा और अन्य त्योहारों पर खाद्य विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों के नमूने लेने का अभियान चलाया जाता है। इसके बाद खाद्य पदार्थों के नमूने लेने की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। दीपावली पर अक्तूबर माह में खाद्य विभाग की टीम ने 32 नमूने एकत्र किए थे। जिनमें से से 25 की रिपोर्ट आ गई है। वहीं सात नमूनों की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 25 नमूनों में 11 नमूने अधोमानक पाए गए हैं।
दूध, खोआ, पनीर अधोमानक पाए गए हैं। जबकि हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर मिथ्या छाप आए हैं। जिसके चलते इन दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी। तीन महीने बाद नमूनों की रिपोर्ट आई है। इसके अलावा खाद्य विभाग की टीम बड़े संस्थानों को छोड़ छोटे संस्थानों से नमूने एकत्र करती है। इस बार होली के मौके पर खाद्य विभाग ने करीब 23 खाद्य पदार्थों ने नमूने एकत्र किए हैं।
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14 दिन में नमूने की रिपोर्ट आने का है नियम
खाद्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जांच के लिए भेजे गए खाद्य पदार्थ के नमूने की रिपोर्ट 14 दिन में आने का नियम है। मगर नमूनों की रिपोर्ट तीन महीने से पहले नहीं आती है। इतने दूसरा त्योहार आ जाता है। समय से रिपोर्ट नहीं आने की वजह से भी मिलावट कर रहे दुकानदारों पर कार्रवाई करने में देर होती है।
पूरे साल खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाते हैं। इस सत्र में 273 नमूने लिए है। छोटे, बड़े सभी दुकानदारों से नमूना लिया जाता है। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने में करीब तीन महीने तक का समय लगता है। मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।.....पंकज कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य ग्रेड-2
दूध की कमी होने पर डेरी संचालक तरह-तरह के केमिकल मिलाकर दूध की मात्रा बढ़ाते हैं। दूध में चिकनाई लाने के लिए रिफाइंड तेल, यूरिया और अन्य चीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस दूध से खोआ और फिर अन्य खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं। मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने पर व्यक्ति की पाचन क्रिया बिगड़ जाती है। उल्टी, दस्त, पेट दर्द जैसी समस्या होने लगती है। इसलिए मिलावटी खाद्य पदार्थ सेहत के लिए हानिकारक हैं।.....डॉ. आरएस वर्मा, फिजिशियन
दूूध से क्रीम निकालकर उसमें मैदा आदि मिलाकर सिंथेटिक खोआ तैयार किया जाता है। इससे बने खाद्य पदार्थों के सेवन से जी मिचलाना, गैस बनना, पेट में जलन होती है। खाद्य पदार्थों में मानक के अधिक रंग मिलाना नुकसानदायक है। इसलिए रंगनी मिठाई, नमकीन आदि पदार्थों से परहेज करें।.....डॉ. एचएम गुप्ता, फिजिशियन
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होली, दीपावली, दशहरा और अन्य त्योहारों पर खाद्य विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों के नमूने लेने का अभियान चलाया जाता है। इसके बाद खाद्य पदार्थों के नमूने लेने की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। दीपावली पर अक्तूबर माह में खाद्य विभाग की टीम ने 32 नमूने एकत्र किए थे। जिनमें से से 25 की रिपोर्ट आ गई है। वहीं सात नमूनों की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 25 नमूनों में 11 नमूने अधोमानक पाए गए हैं।
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दूध, खोआ, पनीर अधोमानक पाए गए हैं। जबकि हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर मिथ्या छाप आए हैं। जिसके चलते इन दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी। तीन महीने बाद नमूनों की रिपोर्ट आई है। इसके अलावा खाद्य विभाग की टीम बड़े संस्थानों को छोड़ छोटे संस्थानों से नमूने एकत्र करती है। इस बार होली के मौके पर खाद्य विभाग ने करीब 23 खाद्य पदार्थों ने नमूने एकत्र किए हैं।
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14 दिन में नमूने की रिपोर्ट आने का है नियम
खाद्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जांच के लिए भेजे गए खाद्य पदार्थ के नमूने की रिपोर्ट 14 दिन में आने का नियम है। मगर नमूनों की रिपोर्ट तीन महीने से पहले नहीं आती है। इतने दूसरा त्योहार आ जाता है। समय से रिपोर्ट नहीं आने की वजह से भी मिलावट कर रहे दुकानदारों पर कार्रवाई करने में देर होती है।
पूरे साल खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाते हैं। इस सत्र में 273 नमूने लिए है। छोटे, बड़े सभी दुकानदारों से नमूना लिया जाता है। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने में करीब तीन महीने तक का समय लगता है। मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।.....पंकज कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य ग्रेड-2
दूध की कमी होने पर डेरी संचालक तरह-तरह के केमिकल मिलाकर दूध की मात्रा बढ़ाते हैं। दूध में चिकनाई लाने के लिए रिफाइंड तेल, यूरिया और अन्य चीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस दूध से खोआ और फिर अन्य खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं। मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने पर व्यक्ति की पाचन क्रिया बिगड़ जाती है। उल्टी, दस्त, पेट दर्द जैसी समस्या होने लगती है। इसलिए मिलावटी खाद्य पदार्थ सेहत के लिए हानिकारक हैं।.....डॉ. आरएस वर्मा, फिजिशियन
दूूध से क्रीम निकालकर उसमें मैदा आदि मिलाकर सिंथेटिक खोआ तैयार किया जाता है। इससे बने खाद्य पदार्थों के सेवन से जी मिचलाना, गैस बनना, पेट में जलन होती है। खाद्य पदार्थों में मानक के अधिक रंग मिलाना नुकसानदायक है। इसलिए रंगनी मिठाई, नमकीन आदि पदार्थों से परहेज करें।.....डॉ. एचएम गुप्ता, फिजिशियन