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खाद्य लाइसेंस नवीनीकरण का समय 31 दिसंबर तक बढ़ा
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खाद्य लाइसेंस नवीनीकरण का समय 31 दिसंबर तक बढ़ा
बिजनौर। खाद्य एवं पेय पदार्थों के लाइसेंस के नवीनीकरण की तारीख 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। पहले शासन ने लाइसेंस नवीनीकरण कराने के लिए खाद्य कारोबार कर्ताओं को 31 अक्तूबर की तारीख तय की थी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में जनपद के करीब 7500 खाद्य कारोबारी पंजीकृत हैं। इनमें लगभग 170 मांस विक्रेता भी शामिल हैं। जिला अभिहीत अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि जिले के सभी खाद्य व्यापारियों के लिए सरकार ने यह सुविधा दी है। उन्होंने बताया कि बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करने वाले व्यवसायियों को अधिकतम छह महीने कारावास और अधिकतम पांच लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। सभी थोक व खुदरा खाद्य पदार्थों के विक्रेता, भंडारक, उत्पादक, आयातक, निर्यातक, कैटरर्स, वधशाला, मांस, मिठाई दुकानदार, परिवाहक, पेय पदार्थ विक्रेता, वितरक व प्रदायकों को लाइसेंस लेना आवश्यक है। उन्होंने बताया खाद्य कारोबार तीन श्रेणियों में विभाजित होता है। किराना व्यापारियों के लिए दो हजार रुपये, छोटा उत्पादन करने वालों को तीन हजार रुपये, बड़े उत्पादनकर्ताओं को पांच हजार रुपये निर्धारित फीस जमा कर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में रजिस्ट्रेशन किया जाता है। जबकि 12 लाख रुपये सालाना से अधिक टर्नओवर वाले लाइसेंस की श्रेणी में आते हैं। ऐसे कारोबार कर्ताओं की संख्या जिले में लगभग एक हजार है। इनके नवीनीकरण की फीस करीब पांच हजार रुपये सालाना है। शासन ने लगभग एक वर्ष की फीस शासन ने इन कारोबार कर्ताओं की माफ कर दी है।
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बिजनौर। खाद्य एवं पेय पदार्थों के लाइसेंस के नवीनीकरण की तारीख 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। पहले शासन ने लाइसेंस नवीनीकरण कराने के लिए खाद्य कारोबार कर्ताओं को 31 अक्तूबर की तारीख तय की थी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में जनपद के करीब 7500 खाद्य कारोबारी पंजीकृत हैं। इनमें लगभग 170 मांस विक्रेता भी शामिल हैं। जिला अभिहीत अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि जिले के सभी खाद्य व्यापारियों के लिए सरकार ने यह सुविधा दी है। उन्होंने बताया कि बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करने वाले व्यवसायियों को अधिकतम छह महीने कारावास और अधिकतम पांच लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। सभी थोक व खुदरा खाद्य पदार्थों के विक्रेता, भंडारक, उत्पादक, आयातक, निर्यातक, कैटरर्स, वधशाला, मांस, मिठाई दुकानदार, परिवाहक, पेय पदार्थ विक्रेता, वितरक व प्रदायकों को लाइसेंस लेना आवश्यक है। उन्होंने बताया खाद्य कारोबार तीन श्रेणियों में विभाजित होता है। किराना व्यापारियों के लिए दो हजार रुपये, छोटा उत्पादन करने वालों को तीन हजार रुपये, बड़े उत्पादनकर्ताओं को पांच हजार रुपये निर्धारित फीस जमा कर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में रजिस्ट्रेशन किया जाता है। जबकि 12 लाख रुपये सालाना से अधिक टर्नओवर वाले लाइसेंस की श्रेणी में आते हैं। ऐसे कारोबार कर्ताओं की संख्या जिले में लगभग एक हजार है। इनके नवीनीकरण की फीस करीब पांच हजार रुपये सालाना है। शासन ने लगभग एक वर्ष की फीस शासन ने इन कारोबार कर्ताओं की माफ कर दी है।
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