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लगन के साथ भरी उड़ान
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 16 Sep 2016 01:10 AM IST
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मनोज कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में शौक को पूरा करने के लिए मन में ठान लिया जाए तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है। फाइन आर्ट्स के मनोज सिंह ने यह बात साबित की है। मनोज सिंह ने फाइन आर्ट्स में गोल्ड मेडल प्राप्त कर यह बात साबित की है। देश के जाने माने चित्रकार मनोज सिंह बिजनौर वॉल ऑफ सेनिटेशन को आयाम दे रहे हैं।
सन 1986 में कक्षा छह में पढ़ते हुए मनोज सिंह को उनकी माता द्वारा बनाई गई पेंटिंग की फाइल मिली। उन्होंने फाइल को कॉपी करना शुरू किया, तो सभी ने तारीफ की। फाइन आर्ट्स की समझ रखने वाले नाना स्व.रामअधार सिंह ने उनको प्रोत्साहित किया. तो मनोज सिंह पेंटिंग बनाने में ही डूब गए। नतीजा ये हुआ कि वे फाइन आर्ट्स में दक्ष होते गए, लेकिन पढ़ाई में पिछड़ते गए। हाईस्कूल और इंटर में सेंकेंड डिविजन आया। हालांकि काशी विद्यापीठ वाराणसी से टॉप करते हुए से बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स में गोल्ड प्राप्त किया। आज मनोज सिंह देश के नामी चित्रकारों में शामिल हैं। बिजनौर वॉल ऑफ सेनिटेशन के अलावा वे मुजफ्फरनगर, हरिद्वार में भी स्वच्छता संदेश देते हुए पेंटिंग बनवा रहे हैं। उनकी देखरेख में ही पेंटिंग बनवाने के लिए सभी जिलों के डीएम द्वारा उनके कॉलेज बरला इंटर कॉलेज मुजफ्फरनगर को विशेष संस्तुति भेजी जा रही हैं। मनोज सिंह प्रकृति के अलावा मानवीय संवेदनाओं पर चित्र बनाते हैं।
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ने भी खरीदी थी पेंटिंग ः मनोज सिंह की सबसे महंगी पेंटिंग एक लाख रुपये की बिकी है। वह नेपाल में दो बार तथा देश भर में कई बार अपनी पेंटिंग की प्रदर्शनी लगा चुके हैं। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री स्व.गिरिजा प्रसाद कोइराला ने भी मनोज सिंह की पेटिंग खरीदी थी। उन्होंने मनोज सिंह की पेटिंग से खुश होकर उन्हें कैमरा भी गिफ्ट किया था।
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ऑस्ट्रेलिया से आया बुलावा ः ऑस्ट्रेलिया के कल्चर विभाग से मनोज सिंह व बिजनौर जिले के डा.संजय साहनी को स्पेशल ट्रिप पर बुलाया गया था, किन्हीं कारणों से वहां नहीं जाए पाए।
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सन 1986 में कक्षा छह में पढ़ते हुए मनोज सिंह को उनकी माता द्वारा बनाई गई पेंटिंग की फाइल मिली। उन्होंने फाइल को कॉपी करना शुरू किया, तो सभी ने तारीफ की। फाइन आर्ट्स की समझ रखने वाले नाना स्व.रामअधार सिंह ने उनको प्रोत्साहित किया. तो मनोज सिंह पेंटिंग बनाने में ही डूब गए। नतीजा ये हुआ कि वे फाइन आर्ट्स में दक्ष होते गए, लेकिन पढ़ाई में पिछड़ते गए। हाईस्कूल और इंटर में सेंकेंड डिविजन आया। हालांकि काशी विद्यापीठ वाराणसी से टॉप करते हुए से बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स में गोल्ड प्राप्त किया। आज मनोज सिंह देश के नामी चित्रकारों में शामिल हैं। बिजनौर वॉल ऑफ सेनिटेशन के अलावा वे मुजफ्फरनगर, हरिद्वार में भी स्वच्छता संदेश देते हुए पेंटिंग बनवा रहे हैं। उनकी देखरेख में ही पेंटिंग बनवाने के लिए सभी जिलों के डीएम द्वारा उनके कॉलेज बरला इंटर कॉलेज मुजफ्फरनगर को विशेष संस्तुति भेजी जा रही हैं। मनोज सिंह प्रकृति के अलावा मानवीय संवेदनाओं पर चित्र बनाते हैं।
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नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ने भी खरीदी थी पेंटिंग ः मनोज सिंह की सबसे महंगी पेंटिंग एक लाख रुपये की बिकी है। वह नेपाल में दो बार तथा देश भर में कई बार अपनी पेंटिंग की प्रदर्शनी लगा चुके हैं। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री स्व.गिरिजा प्रसाद कोइराला ने भी मनोज सिंह की पेटिंग खरीदी थी। उन्होंने मनोज सिंह की पेटिंग से खुश होकर उन्हें कैमरा भी गिफ्ट किया था।
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ऑस्ट्रेलिया से आया बुलावा ः ऑस्ट्रेलिया के कल्चर विभाग से मनोज सिंह व बिजनौर जिले के डा.संजय साहनी को स्पेशल ट्रिप पर बुलाया गया था, किन्हीं कारणों से वहां नहीं जाए पाए।