{"_id":"62571b0791eb8e34bb72113b","slug":"flower-farming-with-sugarcane-will-give-profit-bijnor-news-mrt5844310126","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ने के साथ फूलों की खेती देगी मुनाफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ने के साथ फूलों की खेती देगी मुनाफा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गन्ने के साथ फूलों की खेती देगी मुनाफा
बिजनौर। समन्वित कृषि कार्य योजना पर कृषक उत्पादक संगठनों एवं प्रगतिशील किसानों के सुझाव एवं विचार प्राप्त करने को बैठक हुई। बैठक में बकरी पालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, फूलों की खेती एवं नर्सरी की स्थापना लाभकारी साबित होने के सुझाव दिए। सीडीओ केपी सिंह ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया कि गन्ने के साथ फूलों की सहफसली खेती कराई जाए। इससे किसान अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
बुधवार को कृषि भवन स्थित सभागार में हुई बैठक में सीडीओ केपी सिंह ने कृषक उत्पादक संगठनों के सीईओ, निदेशक एवं प्रगतिशील किसानों से एक समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया। एफपीओ के लिए आवश्यक सदस्य अथवा शेयर धारक की संख्या को पूरा करते हुए ऐसी गतिविधियों का चयन करें, जिससे सम्मिलित सदस्यों को एक लाभकारी विकल्प प्राप्त हो सकें। उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने एफपीओ के उद्देश्य महत्व एवं भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। सीवीओ डॉ. विजेंद्र सिंह ने कहा कि जनपद में बकरी एवं मुर्गी पालन की अपार संभावनाएं हैं। साथ ही भारतीय नस्लों की गायों का पालन कर उच्च गुणवत्ता का दूध उत्पादन किया जा सकता है, जिसकी स्थानीय स्तर पर काफी मांग है।
जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार ने फल सब्जी एवं फूलों की खेती के बारे में विस्तार से बताया। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र ने कहा कि आगामी खरीफ सीजन में धान की फसल विशेषकर बासमती धान की उच्च उत्पादकता देने वाली प्रजातियां बताईं। आर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन स्योहारा के सीईओ शकील अहमद ने कहा कि यह योजना जिले की आवश्यकता के दृष्टिगत बनाई गई, यदि इसका क्रियान्वयन सही ढंग से किया जाए तो निश्चित ही मृदा स्वास्थ्य के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। हल्दौर फेड फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन के निदेशक ब्रह्मपाल सिंह ने कार्य योजना में जड़ी बूटी की खेती को भी सम्मिलित करने पर बल दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। समन्वित कृषि कार्य योजना पर कृषक उत्पादक संगठनों एवं प्रगतिशील किसानों के सुझाव एवं विचार प्राप्त करने को बैठक हुई। बैठक में बकरी पालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, फूलों की खेती एवं नर्सरी की स्थापना लाभकारी साबित होने के सुझाव दिए। सीडीओ केपी सिंह ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया कि गन्ने के साथ फूलों की सहफसली खेती कराई जाए। इससे किसान अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
बुधवार को कृषि भवन स्थित सभागार में हुई बैठक में सीडीओ केपी सिंह ने कृषक उत्पादक संगठनों के सीईओ, निदेशक एवं प्रगतिशील किसानों से एक समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया। एफपीओ के लिए आवश्यक सदस्य अथवा शेयर धारक की संख्या को पूरा करते हुए ऐसी गतिविधियों का चयन करें, जिससे सम्मिलित सदस्यों को एक लाभकारी विकल्प प्राप्त हो सकें। उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने एफपीओ के उद्देश्य महत्व एवं भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। सीवीओ डॉ. विजेंद्र सिंह ने कहा कि जनपद में बकरी एवं मुर्गी पालन की अपार संभावनाएं हैं। साथ ही भारतीय नस्लों की गायों का पालन कर उच्च गुणवत्ता का दूध उत्पादन किया जा सकता है, जिसकी स्थानीय स्तर पर काफी मांग है।
विज्ञापन
जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार ने फल सब्जी एवं फूलों की खेती के बारे में विस्तार से बताया। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र ने कहा कि आगामी खरीफ सीजन में धान की फसल विशेषकर बासमती धान की उच्च उत्पादकता देने वाली प्रजातियां बताईं। आर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन स्योहारा के सीईओ शकील अहमद ने कहा कि यह योजना जिले की आवश्यकता के दृष्टिगत बनाई गई, यदि इसका क्रियान्वयन सही ढंग से किया जाए तो निश्चित ही मृदा स्वास्थ्य के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। हल्दौर फेड फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन के निदेशक ब्रह्मपाल सिंह ने कार्य योजना में जड़ी बूटी की खेती को भी सम्मिलित करने पर बल दिया।
विज्ञापन