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रास्ता नहीं भटकेगी बाढ़ बचाव की टीम, डिजिटल मैप हुआ तैयार

Wed, 29 Jun 2022 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jun 2022 11:54 PM IST
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Flood rescue team will not lose the way, digital map is ready
बिजनौर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का नक्शा। - फोटो : BIJNOR
रास्ता नहीं भटकेगी बाढ़ बचाव की टीम, डिजिटल मैप हुआ तैयार
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बिजनौर। बरसात शुरू होते ही जिले में बाढ़ का डर सताने लगता है। यूं तो बाढ़ को लेकर हर साल तमाम तैयारियां की जाती हैं, लेकिन इस बार डिजिटल मैप भी तैयार हुआ है। इसकी वजह से बाढ़ बचाव की टीम रास्ता नहीं भटक पाएंगी और कम समय से मौके पर पहुंचकर राहत पहुंचाई जा सकेगी। सवंदेनशील गांव और इलाकों को रेड जोन में रखा गया है।
उत्तराखंड से निकलकर गंगा सीधे बिजनौर में प्रवेश करती है। इस वजह से जिले में गंगा का बहाव एक जगह स्थिर नहीं रह पाता। गंगा में उफान बाढ़ लेकर आता है और उफान कम होता है तो कटान शुरू हो जाता है। गंगा के मुहाने पर बसे दर्जनभर से अधिक गांव हर साल बाढ़ को झेलते हैं। यूं तो बाढ़ से बचाने के लिए 62 करोड़ की योजना की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन इस बरसात से पहले यह धरातल पर नहीं आ पाई। अब बरसात में कुछ ही दिन बाकी बचे हैं। उधर, बाढ़ से बचाव और बाढ़ में राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन भी तैयारियों में जुटा है। हाल ही में एक डिजिटल मैप भी तैयार किया गया है, जिसमें बाढ़ प्रभावित गांवाें को लाल रंग से दर्शाया गया है। यह मैप बाढ़ राहत दल और अधिकारियों को तुरंत ही घटनास्थल पर पहुंचने में मदद करेगा। वहीं, टीम रास्ता भी नहीं भटक पाएगी। डिजिटल मैप को गूगल पर भी अपलोड किया गया है। बाढ़ समितियों और अधिकारियों के पास भी यह सुरक्षित रहेगा। जिससे बाढ़ के दौरान टीम कम समय में मौके पहुंच सके। बाढ़ नियंत्रण के नोडल अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि 31 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। जिन पर ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई है। 31 समितियां भी बनी हैं।
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इन गांवों में रहता है बाढ़ का प्रकोप
धामपुर तहसील के गांव तिपरजोत, मुकरपुरी, नंदगा, सिपाहीवाला, बेरखेड़ा, कोपा, धुराहरा, मंधौरा, नाथोड़ोई समेत 29 गांवों में बाढ़ का खतरा बना रहता है। बिजनौर तहसील के गांव इच्छावाला, भगवतीपुर, लाडपुर, लतीफपुर, मुर्सफाबाद, हिम्मतपुर बेला, रामसहायवाला, बालावाली, सुक्खापुर, कुंदनपुर टीप, फतेहपुर सभाचंद, सीमली कोहरपुर, राजारामपुर, डैबलगढ़, रावली, बाकरपुर और यूसुफपुर बाढ़ झेलते हैं। नजीबाबाद तहसील के गौसपुर, वीरुवाला, ताहरपुर, छोटी भूडी, पुंडरी कला, खैरूल्लापुर, कछियाना में बाढ़ आती है। नगीना तहसील के 11 गांव और चांदपुर तहसील के करीब बीस गांव भी बाढ़ से प्रभावित रहते हैं।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, उनके गांवों को नक्शे में शामिल किया गया है। जो अति संवेदनशील गांव हैं, उन्हें लाल रंग से लिखवाया गया है। इसका मकसद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समय से राहत टीम पहुंचाना है
- अरविंद कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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