फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Five vehicles rely on fire safety in the district

पांच गाड़ियों के भरोसे है जिले में अग्निकांडों से सुरक्षा

Sat, 02 May 2020 09:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 02 May 2020 09:51 PM IST
विज्ञापन
Five vehicles rely on fire safety in the district
पांच गाड़ियों के भरोसे है जिले में अग्निकांडों से सुरक्षा
विज्ञापन

बिजनौर। गर्मियां शुरू होते ही अग्निकांड की संख्या में इजाफा हो रहा है। विशेषकर खेतों और खलिहानों में रखे गेहूं की फसल अग्निकांड की भेंट चढ़ रहीं हैं। लेकिन जिले में शहर और देहात क्षेत्र में आग पर काबू पाने के लिए मात्र पांच ही अग्निशमन की गाड़ियां हैं। ये गाड़ियां भी इस समय कोरोना के चलते सैनिटाइजेशन के कार्य में लगी हुईं हैं। ऐसे में तुरंत अग्निकांड वाले स्थानों पर नहीं पहुंच पा रही हैं और लोगों का नुकसान हो रहा है।
जिले की 40 लाख की जनता अग्निकांडों से बचाव के लिए अग्निशमन विभाग की पांच गाड़ियों के ही भरोसे है। गेहूं के सीजन में हर साल ही अग्निकांड के 60 से 70 मामले आते हैं। इस बार भी अग्निकांड की शुरुआत हो चुकी है। इस साल जनवरी से मार्च तक अग्निकांड के 46 मामले सामने आए हैं। कई मामले अप्रैल में भी आ चुके हैं। कभी बिजली के ढीले तारों से निकली चिंगारी तो कभी कूड़ी से उठी चिंगारी फसल को जला रहीं हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि इस बार अग्निकांड के मामले अपेक्षाकृत कुछ कम हैं। जिले में हर तहसील में एक एक फायर स्टेशन है। यहां पर एक एक गाड़ी आग बुझाने के लिए है।
विज्ञापन

शहर की तंग गलियों में होती है परेशानी
शहरों में तंग गलियां में अग्निकांड पर काबू पाना अग्निशमन विभाग के लिए मुसीबत बन जाता है। इन तंग गलियों में अग्निशमन की गाड़ियां पहुंच नहीं पाती हैं। आग को बुझाने के लिए पालिकाओं द्वारा फायर हाईड्रेंट तो बने होते हैं लेकिन इन पर अतिक्रमण हो चुका है। कुछ सड़कों में दब गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ढीले तार आग की वजह
किसानों के अनुसार आग के सबसे ज्यादा हादसे ढीले बिजली के तारों की वजह से हो रहे हैं। तारों से निकली एक चिंगारी पूरे खलिहान को जला देती है।। गेहूं के बड़े बड़े खेत एक चिंगारी की वजह से स्वाहा हो जाते हैं।

-- ये हैं अग्निकांड से बचाव के उपाय
बिजली के तारों के नीचे गेहूं की फसल इकट्ठा न करें।
खेतों के पास व कूड़ी पर आग न डालें।
खेतों में जली माचिस की तीली या बीड़ी न डालें।
खेतों के आसपास पानी रखें।
बिजली की ढीली तारों को ठीक कराएं।
दुकानों को बंद करते समय बिजली के कट आउट निकाल दें।
-- सावधानी से कम करें अग्निकांड
जिला अग्निशमन अधिकारी संतोष राय का कहना है कि अग्निकांडों को सावधानी बरतकर कम किया जा सकता है। बिजली के तारों को कसने के लिए समय समय पर विद्युत निगम को पत्र लिखा जाता है। प्रशासन के निर्देश पर विभाग की गाड़ियों सैनिटाइजेशन करा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed