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पांच बंदी भी अगली कक्षा के लिए हुए प्रोन्नत
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पांच बंदी भी अगली कक्षा के लिए हुए प्रोन्नत
बिजनौर। जिला कारागार में शिक्षा की अलख जगा रहे पांच बंदियों को सरकार के फैसले से राहत मिली है। सरकार ने हाईस्कूल व इंटर की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। पांच बंदी हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। अब इन बंदियों को कोई परीक्षा नहीं देनी होगी और अगली कक्षा में प्रोन्नत हो जाएंगे।
जिला कारागार में हत्या के मामले में बंद शाहनवाज, आजीवन कारावास की सजा काट रहे राहुल, दहेज हत्या में बंद आंचल कुमार, गैर इरादतन हत्या में बंद मो. सादिक ने हाईस्कूल व दहेज हत्या में बंद ज्ञानेंद्र ने इंटर की यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए फार्म भरा था। जेल में ही इन्हें शिक्षक संजीव दुबे परीक्षा की तैयारी करा रहे थे। ये सभी बंदी रोजाना जेल में संजीव दुबे से पढ़ते थे। ये पांचों बंदी रोजाना कई घंटे जेल में अपनी परीक्षा के लिए पढ़ाई कर रहे थे। ज्यादातर इनका खाली समय पढ़ाई में ही कटता था। अगर परीक्षा होती तो इन बंदियों को भी किसी परीक्षा केंद्र में जाकर परीक्षा देनी होती। शिक्षक संजीव दुबे के मुताबिक सभी बंदी परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। वे खुद उन्हें परीक्षा की तैयारी करा रहे थे। परीक्षा के लिए बंदी कड़ी मेहनत कर रहे थे।
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बिजनौर। जिला कारागार में शिक्षा की अलख जगा रहे पांच बंदियों को सरकार के फैसले से राहत मिली है। सरकार ने हाईस्कूल व इंटर की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। पांच बंदी हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। अब इन बंदियों को कोई परीक्षा नहीं देनी होगी और अगली कक्षा में प्रोन्नत हो जाएंगे।
जिला कारागार में हत्या के मामले में बंद शाहनवाज, आजीवन कारावास की सजा काट रहे राहुल, दहेज हत्या में बंद आंचल कुमार, गैर इरादतन हत्या में बंद मो. सादिक ने हाईस्कूल व दहेज हत्या में बंद ज्ञानेंद्र ने इंटर की यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए फार्म भरा था। जेल में ही इन्हें शिक्षक संजीव दुबे परीक्षा की तैयारी करा रहे थे। ये सभी बंदी रोजाना जेल में संजीव दुबे से पढ़ते थे। ये पांचों बंदी रोजाना कई घंटे जेल में अपनी परीक्षा के लिए पढ़ाई कर रहे थे। ज्यादातर इनका खाली समय पढ़ाई में ही कटता था। अगर परीक्षा होती तो इन बंदियों को भी किसी परीक्षा केंद्र में जाकर परीक्षा देनी होती। शिक्षक संजीव दुबे के मुताबिक सभी बंदी परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। वे खुद उन्हें परीक्षा की तैयारी करा रहे थे। परीक्षा के लिए बंदी कड़ी मेहनत कर रहे थे।
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