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वन्य जीव के हमले में मौत पर मिलता है मुआवजा

Tue, 31 Dec 2019 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 31 Dec 2019 12:09 AM IST
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Financial assistance to the affected in wildlife attack
बिजनौर। वन्य जीव के हमले में इंसानी मौत, किसान के पशु की मौत अथवा मकान को क्षति पहुंचने पर वन विभाग द्वारा क्षति पूर्ति के लिए भुगतान किया जाता है। अधिकतर गांव वालों को इसकी जानकारी नहीं है। मादा गुलदार के हमले में जो पांच लोग मारे गए हैं, उनके परिजनों को भी वन विभाग द्वारा आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए फाइल तैयार की जा रही है।
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- वन्य जीव के हमले पर दिया जाने वाला मुआवजा
इंसानी मौत पर पांच लाख
पूर्ण दिव्यांगता पर चार लाख
आंशिंक दिव्यांगता पर एक लाख
गंभीर घायल होने पर एक लाख
- किसानों के पशु की मौत होने पर
गाय 15 हजार
घोड़ा 40 हजार
खच्चर 40 हजार
ऊंट 10 हजार
बैल 15 हजार
भैंस 15 हजार
पशु की आयु के हिसाब से मिलता है मुआवजा
मुआवजा के लिए बैल, गाय एवं भैंस की आयु तीन साल से अधिक होनी चाहिए। इसके अलावा दो साल से अधिक एवं तीन साल से कम आयु के गाय, भैंस के बच्चे की मौत पर आठ हजार, दो साल की आयु तक पांच हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। एक साल से अधिक की बकरी अथवा भेड़ की मौत पर तीन हजार रुपये की सहायता राशि मिलती है। वन्य जीव के हमले में कच्चा मकान पूर्ण क्षतिग्रस्त होने पर 25 हजार, आंशिक क्षतिग्रस्त होने पर 20 हजार व झोपड़ी के क्षतिग्रस्त होने पर पांच हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। डीएफओ डाक्टर एम सेम्मारन ने बताया कि वन विभाग की ओर से आर्थिक मदद का प्रावधान है। किसी के साथ कोई हादसा होता है तो वन विभाग को सूचित करें। उनकी यथासंभव मदद की जाएगी।
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