{"_id":"6058da1b8ebc3e8d1654fb8c","slug":"fina-mini-bank-scam-investigation-incomplete-bijnor-news-mrt531218337","type":"story","status":"publish","title_hn":"फीना मिनी बैंक घोटाले की जांच अधूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फीना मिनी बैंक घोटाले की जांच अधूरी
विज्ञापन
फीना मिनी बैंक घोटाले की जांच अधूरी
बिजनौर। फीना मिनी बैंक घोटाले की जांच सात माह बाद भी जस की तस है। अब 21 लोगों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजे गए हैं। घोटाले में अपनी जमा पूंजी गवां बैठे खातेदार अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटते थक चुके हैं। अब उन्हें पैसा डूब जाने का डर सताने लगा है।
जिले की सहकारी समिति फीना में मिनी बैंक संचालित है। बैंक में सितंबर महीने में करीब एक करोड़ 59 लाख का घोटाला प्रकाश में आया था। जांच में यह बात सामने आई थी कि वर्ष 2013-14 से वर्ष 2019-20 के बीच एक हजार से अधिक किसान खातेदारों के खातों में हेरा फेरी की गई है। आरोप है कि किसानों से आया पैसा उनके खातों में जमा नहीं किया गया। मामले की थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। आरोपियों व प्रबंध कमेटी को निलंबित कर दिया गया था। इस कार्रवाई को हुए करीब सात माह बीत गए हैं। पीड़ित खातेदार किसान लघु व मध्यम वर्ग के हैं, जो बचत करके कुछ रकम बैंक में जमा कर रहे थे। घोटाले के शिकार किसान अपना जमा पैसा लेने के लिए समिति से लेकर सहायक निबंधक व अन्य अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। परंतु पीड़ितों के हाथ खाली हैं।
मामले में सहायक निबंधक सहकारी समितियां अमित कुमार त्यागी का कहना है कि विभागीय जांच चल रही है। 21 लोगों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजा गया है। इन्हें जवाब के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। पीड़ितों के खातों में जमा पैसे को लेकर भी विवाद है। विवादित मामले 55 हैं। उनकी अलग से सुनवाई होगी। कहा कि दो लाख से अधिक धनराशि के विवादित मामलों की सुनवाई डीआर मुरादाबाद करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। फीना मिनी बैंक घोटाले की जांच सात माह बाद भी जस की तस है। अब 21 लोगों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजे गए हैं। घोटाले में अपनी जमा पूंजी गवां बैठे खातेदार अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटते थक चुके हैं। अब उन्हें पैसा डूब जाने का डर सताने लगा है।
जिले की सहकारी समिति फीना में मिनी बैंक संचालित है। बैंक में सितंबर महीने में करीब एक करोड़ 59 लाख का घोटाला प्रकाश में आया था। जांच में यह बात सामने आई थी कि वर्ष 2013-14 से वर्ष 2019-20 के बीच एक हजार से अधिक किसान खातेदारों के खातों में हेरा फेरी की गई है। आरोप है कि किसानों से आया पैसा उनके खातों में जमा नहीं किया गया। मामले की थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। आरोपियों व प्रबंध कमेटी को निलंबित कर दिया गया था। इस कार्रवाई को हुए करीब सात माह बीत गए हैं। पीड़ित खातेदार किसान लघु व मध्यम वर्ग के हैं, जो बचत करके कुछ रकम बैंक में जमा कर रहे थे। घोटाले के शिकार किसान अपना जमा पैसा लेने के लिए समिति से लेकर सहायक निबंधक व अन्य अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। परंतु पीड़ितों के हाथ खाली हैं।
विज्ञापन
मामले में सहायक निबंधक सहकारी समितियां अमित कुमार त्यागी का कहना है कि विभागीय जांच चल रही है। 21 लोगों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजा गया है। इन्हें जवाब के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। पीड़ितों के खातों में जमा पैसे को लेकर भी विवाद है। विवादित मामले 55 हैं। उनकी अलग से सुनवाई होगी। कहा कि दो लाख से अधिक धनराशि के विवादित मामलों की सुनवाई डीआर मुरादाबाद करते हैं।
विज्ञापन