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किसानों के हक के लिए लड़ी जाएगी लड़ाई : मनोज पारस
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नगीना। नगीना तहसील क्षेत्र के 17 गांवों की हजारों बीघा सरकारी भूमि पर ग्रामीणों के चले आ रहे अवैध कब्जे के मामले में समाजवादी पार्टी ग्रामीणों के पक्ष में पूरी तरह उतर आई है। समाजवादी पार्टी के विधायक मनोज पारस ने ऐलान किया है कि ग्रामीणों को इंसाफ दिलाने के लिए विधानसभा से लेकर अदालत तक की लड़ाई लड़ी जाएगी।
नगीना तहसील क्षेत्र के 17 गांवों की हजारों बीघा जमीन पर ग्रामीणों द्वारा किए गए अवैध कब्जे के मामले में नगीना एसडीएम कोर्ट द्वारा चार गांवों की 2472 बीघा भूमि से खातेदारों के नाम निरस्त कर भूमि को मूल श्रेणी में दर्ज करने के दिए गए निर्णय के बाद समाजवादी पार्टी भी ग्रामीणों की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में उतर आई है।
शुक्रवार की शाम स्थानीय सपा विधायक मनोज पारस के कैंप कार्यालय में बुलाई गई पत्रकार वार्ता में विधायक मनोज पारस ने बताया कि इस मामले में समाजवादी पार्टी हाईकमान ने उनके अलावा पूर्व मंत्री कमाल अख्तर, पूर्व मंत्री अताउ रहमान, सीतापुर के लहरपुर विधायक अनिल वर्मा, कपिल गुर्जर, पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, कुलदीप सिंह,प्रतेंद्र पाल सिंह की 8 सदस्य कमेटी बनाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने तथा हाईकमान को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
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उन्होंने बताया कि शुक्रवार को समाजवादी पार्टी हाईकमान के निर्देश पर कमेटी के सभी लोग ग्राम लाल वाला गुरुद्वारे पहुंचे तथा सभी 17 गांवों के लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना। प्रेस वार्ता में सभी सपा नेताओं ने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट शीघ्र हाईकमान को दे देंगे तथा आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से विधानसभा में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि भाजपा शासनकाल में गरीबों को बेघर करने का काम चल रहा है। सपा नेताओं का आरोप है कि सरकार को लोगो को बेघर करने में बहुत मजा आ रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के साथ नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। सपा नेताओं का आरोप है कि 70 सालों से अधिकारी इस जमीन के मामले में आखिर क्यों चुप्पी साधे रहे। उनका कहना है कि जिन अधिकारियों ने गलत तरीके से जमीनों में ग्रामीणों के नाम दर्ज किए आखिर करवाई उन पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को इंसाफ दिलाने के लिए सड़क से लेकर विधानसभा तक लड़ाई लड़ी जाएगी। इस मौके पर समाजवादी पार्टी द्वारा बनाए गए कमेटी के सभी सदस्यों के अलावा धर्मेंद्र पारस, लाला पंकज कुमार अग्रवाल, सुल्तान राइन आदि मौजूद रहे।
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नगीना तहसील क्षेत्र के 17 गांवों की हजारों बीघा जमीन पर ग्रामीणों द्वारा किए गए अवैध कब्जे के मामले में नगीना एसडीएम कोर्ट द्वारा चार गांवों की 2472 बीघा भूमि से खातेदारों के नाम निरस्त कर भूमि को मूल श्रेणी में दर्ज करने के दिए गए निर्णय के बाद समाजवादी पार्टी भी ग्रामीणों की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में उतर आई है।
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शुक्रवार की शाम स्थानीय सपा विधायक मनोज पारस के कैंप कार्यालय में बुलाई गई पत्रकार वार्ता में विधायक मनोज पारस ने बताया कि इस मामले में समाजवादी पार्टी हाईकमान ने उनके अलावा पूर्व मंत्री कमाल अख्तर, पूर्व मंत्री अताउ रहमान, सीतापुर के लहरपुर विधायक अनिल वर्मा, कपिल गुर्जर, पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, कुलदीप सिंह,प्रतेंद्र पाल सिंह की 8 सदस्य कमेटी बनाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने तथा हाईकमान को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
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उन्होंने बताया कि शुक्रवार को समाजवादी पार्टी हाईकमान के निर्देश पर कमेटी के सभी लोग ग्राम लाल वाला गुरुद्वारे पहुंचे तथा सभी 17 गांवों के लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना। प्रेस वार्ता में सभी सपा नेताओं ने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट शीघ्र हाईकमान को दे देंगे तथा आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से विधानसभा में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि भाजपा शासनकाल में गरीबों को बेघर करने का काम चल रहा है। सपा नेताओं का आरोप है कि सरकार को लोगो को बेघर करने में बहुत मजा आ रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के साथ नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। सपा नेताओं का आरोप है कि 70 सालों से अधिकारी इस जमीन के मामले में आखिर क्यों चुप्पी साधे रहे। उनका कहना है कि जिन अधिकारियों ने गलत तरीके से जमीनों में ग्रामीणों के नाम दर्ज किए आखिर करवाई उन पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को इंसाफ दिलाने के लिए सड़क से लेकर विधानसभा तक लड़ाई लड़ी जाएगी। इस मौके पर समाजवादी पार्टी द्वारा बनाए गए कमेटी के सभी सदस्यों के अलावा धर्मेंद्र पारस, लाला पंकज कुमार अग्रवाल, सुल्तान राइन आदि मौजूद रहे।