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बुखार से तीन लोगों की मौत
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Tue, 13 Sep 2016 12:53 AM IST
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बागपत जिले के राजा का ताजपुर में गांव शिकारपुर में रविवार को भी दो महिलाओं समेत तीन ग्रामीणों की बुखार के कारण मौत हो गई। एक दिन में हुई तीन मौत होने से पूरे गांव में कोहराम मच गया। गांव में बुखार से मरने वालों की संख्या 12 पहुंच गई है। उधर स्वास्थ्य विभाग ग्रामवासियों की मौत का कारण बुखार मानने से इंकार कर रहा है।
रविवार को बुखार के कारण शिकारपुर गांव के वाचस्पति शर्मा, जुबैदा खातून, व शमशीदा की मौत हो गई। वाचस्पति शर्मा को आठ दिन पूर्व बुखार आया था। काफी इलाज के बाद भी बुखार न उतरने पर हरिद्वार में रहने वाले उसके पुत्र इलाज के लिए उसे अपने साथ ले गए , वहां रविवार को उनकी मौत हो गई। उधर, जुबैदा खातून पत्नी सलाउद्दीन को कई दिन से बुखार आ रहा था। रविवार को हालत खराब होने पर परिजन उसे धामपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
शमशीदा पत्नी अब्दुल गफूर की भी बुखार के कारण मुरादाबाद के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। गांव में एक ही दिन में तीन मौत होने से
कोहराम मच गया। ग्रामीणों के अनुसार पिछले 15 दिनों में बुखार से एक-एक कर 12 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। कई ग्रामीण अभी भी बुखार से पीड़ित हैं। गंभीर रूप से बीमार कई ग्रामवासियों को मुरादाबाद, मेरठ के बड़े अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। रविवार को सीएमओ डा. सुखवीर सिंह ने गांव का निरीक्षण कर मृतकों के परिजनों से मुलाकात भी की थी। उधर, सीएचसी प्रभारी डा. विशाल दिवाकर का कहना है कि वाचस्पति शर्मा की मौत हरिद्वार और शमशीदा की मुरादाबाद में हुई है। किस कारण से हुई है इसकी जानकारी नहीं है। जुबैदा खातून रविवार को सीएचसी आई थी, उसे पेट दर्द की शिकायत थी। जिसके बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। उन्होंने जुबैदा की मौत को बुखार से हुई मौत मानने से इंकार करते हुए कहा कि गांव में कुछ ही मौत बुखार के कारण हुई है, बाकी की मौत का कारण अन्य बीमारी थी। गांव में रोजाना कैंप लगाया जा रहा है और गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है।
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रविवार को बुखार के कारण शिकारपुर गांव के वाचस्पति शर्मा, जुबैदा खातून, व शमशीदा की मौत हो गई। वाचस्पति शर्मा को आठ दिन पूर्व बुखार आया था। काफी इलाज के बाद भी बुखार न उतरने पर हरिद्वार में रहने वाले उसके पुत्र इलाज के लिए उसे अपने साथ ले गए , वहां रविवार को उनकी मौत हो गई। उधर, जुबैदा खातून पत्नी सलाउद्दीन को कई दिन से बुखार आ रहा था। रविवार को हालत खराब होने पर परिजन उसे धामपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
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शमशीदा पत्नी अब्दुल गफूर की भी बुखार के कारण मुरादाबाद के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। गांव में एक ही दिन में तीन मौत होने से
कोहराम मच गया। ग्रामीणों के अनुसार पिछले 15 दिनों में बुखार से एक-एक कर 12 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। कई ग्रामीण अभी भी बुखार से पीड़ित हैं। गंभीर रूप से बीमार कई ग्रामवासियों को मुरादाबाद, मेरठ के बड़े अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। रविवार को सीएमओ डा. सुखवीर सिंह ने गांव का निरीक्षण कर मृतकों के परिजनों से मुलाकात भी की थी। उधर, सीएचसी प्रभारी डा. विशाल दिवाकर का कहना है कि वाचस्पति शर्मा की मौत हरिद्वार और शमशीदा की मुरादाबाद में हुई है। किस कारण से हुई है इसकी जानकारी नहीं है। जुबैदा खातून रविवार को सीएचसी आई थी, उसे पेट दर्द की शिकायत थी। जिसके बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। उन्होंने जुबैदा की मौत को बुखार से हुई मौत मानने से इंकार करते हुए कहा कि गांव में कुछ ही मौत बुखार के कारण हुई है, बाकी की मौत का कारण अन्य बीमारी थी। गांव में रोजाना कैंप लगाया जा रहा है और गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है।
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