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Bijnor News: .गोदामों पर खाद उपलब्ध, किसान खाली हाथ
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नजीबाबाद। अफसरों का दावा है कि जिले की सहकारी समितियों से पर्याप्त मात्रा में खाद है लेकिन किसान खाली हाथ हैं। किसानों का आरोप है कि कई चक्कर लगाने के बाद उन्हें पांच से सात कट्टे खाद मिल रहे हैं, जबकि फसल में वर्तमान समय में खाद की बहुत जरूरत है। समय पर खाद नहीं मिलने से फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही है। अफसरों का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार प्रति हेक्टेयर एक सीजन में सात बैग यूरिया और पांच बैग डीएपी का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
नजीबाबाद सहकारी समितियों के अधिकांश गोदामों पर खाद उपलब्ध है। किसान आईडी लाने वाले किसानों को ही खाद दी जा रही है। तहसील क्षेत्र में 14 किसान सहकारी समितियों के माध्यम से 131 ग्राम पंचायतों के किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाती है। जसवंतपुर लुकादड़ी में 400 यूरिया और 500 डीएपी, लालूवाला धनौरा में 623 यूरिया और 214 डीएपी, करमशखेड़ी में 421 यूरिया और 207 डीएपी, मंडावली में 225 यूरिया और 250 डीएपी, नांगल में केवल 65 यूरिया के कट्टे खाद के उपलब्ध हैं, जबकि नांगल में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है।
किसान दिनेश कुमार का बताया कि पर्याप्त मात्रा में खाद न मिलने से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। किसान को आईडी दिखाकर ही खाद दिया जा रहा है, जो अपर्याप्त है।
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किसान प्रमोद कुमार का बताया कि फसलों में खाद न डालने से उनकी बढ़वार प्रभावित होती है। धान की बुवाई के लिए पौध तैयार की जा रही है लेकिन खाद गोदामों में डीएपी नहीं है।
किसान नरेश कश्यप ने बताया कि पांच बीघा से कम किसानों को खाद नहीं दिया जा रहा है। छोटे किसानों को मजबूरन निजी खाद दुकान से खाद खरीदनी पड़ रही है। दुकानदार कीटनाशक दवा खरीदने वाले किसानों की ही खाद महंगे दाम पर देते हैं।
किसान प्रदीप परमार ने बताया कि किसान आईडी के लिए किसान लेखपाल व जन सेवा केंद्र के चक्कर काट रहा है। जिन पर आईडी नहीं है, उन्हें खाद नहीं मिल रही है। बड़े किसानों को एक बार में अधिक तीन कट्टे खाद के दिए जा रहे हैं, जिससे उनकी फसल प्रभावित हो रही है।
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नजीबाबाद सहकारी समितियों के अधिकांश गोदामों पर खाद उपलब्ध है। किसान आईडी लाने वाले किसानों को ही खाद दी जा रही है। तहसील क्षेत्र में 14 किसान सहकारी समितियों के माध्यम से 131 ग्राम पंचायतों के किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाती है। जसवंतपुर लुकादड़ी में 400 यूरिया और 500 डीएपी, लालूवाला धनौरा में 623 यूरिया और 214 डीएपी, करमशखेड़ी में 421 यूरिया और 207 डीएपी, मंडावली में 225 यूरिया और 250 डीएपी, नांगल में केवल 65 यूरिया के कट्टे खाद के उपलब्ध हैं, जबकि नांगल में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है।
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किसान दिनेश कुमार का बताया कि पर्याप्त मात्रा में खाद न मिलने से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। किसान को आईडी दिखाकर ही खाद दिया जा रहा है, जो अपर्याप्त है।
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किसान प्रमोद कुमार का बताया कि फसलों में खाद न डालने से उनकी बढ़वार प्रभावित होती है। धान की बुवाई के लिए पौध तैयार की जा रही है लेकिन खाद गोदामों में डीएपी नहीं है।
किसान नरेश कश्यप ने बताया कि पांच बीघा से कम किसानों को खाद नहीं दिया जा रहा है। छोटे किसानों को मजबूरन निजी खाद दुकान से खाद खरीदनी पड़ रही है। दुकानदार कीटनाशक दवा खरीदने वाले किसानों की ही खाद महंगे दाम पर देते हैं।
किसान प्रदीप परमार ने बताया कि किसान आईडी के लिए किसान लेखपाल व जन सेवा केंद्र के चक्कर काट रहा है। जिन पर आईडी नहीं है, उन्हें खाद नहीं मिल रही है। बड़े किसानों को एक बार में अधिक तीन कट्टे खाद के दिए जा रहे हैं, जिससे उनकी फसल प्रभावित हो रही है।