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ओलावृष्टि, बारिश ने बढ़ाई किसानों की परेशानी
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बिजनौर/हरेवली। हवा के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की सांसें अटका दी हैं। हरेवली क्षेत्र में करीब दस मिनट तक ओलावृष्टी हुई, हालांकि ओलावृष्टि तेज न होने व ओलों का साइज छोटा होने से बाकी फसलों को तो कम नुकसान होगा, लेकिन सरसों की फसल को ओलावृष्टि बहुत नुकसान पहुंचाएगी। ओलावृष्टि व हवा के झोंकों से ठंडक बढ़ गई। बिजनौर में भी झमाझम बारिश पड़ती रही।
रविवार को पूरा दिन आसमान में हल्के बादल छाए रहे। शाम को हवा के झोंकों के साथ काले आसमान में बादल छा गए। करीब साढ़े छह बजे तेज बारिश शुरू हो गई। हरेवली क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई। चने के साइज के ओले पड़ने से किसानों की सांसें अटक गई। करीब दस मिनट तक हल्की ओलावृष्टि होती रही। पिछले साल जिला मुख्यालय के आसपास हुई ओलावृष्टि से सरसों की फसल व आम का बौर पूरी तरह बर्बाद हो गए थे। दो दिन पहले महाशिवरात्रि पर पूरा दिन बारिश होने से फसलों की अच्छी सिंचाई हो चुकी थी। बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से किसान चिंतित हैं।
खेतों में इस समय सरसों की फसल तैयार है। ओलावृष्टि से सरसों की फसल को बहुत नुकसान होगा। इसके अलावा गेहूं, आलू व अन्य फसलों को भी नुकसान होगा। हरेवली क्षेत्र के किसान यशवीर सिंह, ओमपाल सिंह, चंद्रपाल सिंह, सोमपाल सिंह आदि का कहना है कि फरवरी में अब होने वाली बारिश परेशानी का सबब बनेगी। किसान 15 फरवरी से खेतों में गन्ना बोना शुरू कर देते हैं। लेकिन इस बार खेतों में बारिश की वजह से नमी होने से किसान गन्ना नहीं बो पा रहे हैं। ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी तैैयार फसल भी बर्बाद हो जाती है। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्रा के अनुसार ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का आंकलन कराया जाएगा।
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रविवार को पूरा दिन आसमान में हल्के बादल छाए रहे। शाम को हवा के झोंकों के साथ काले आसमान में बादल छा गए। करीब साढ़े छह बजे तेज बारिश शुरू हो गई। हरेवली क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई। चने के साइज के ओले पड़ने से किसानों की सांसें अटक गई। करीब दस मिनट तक हल्की ओलावृष्टि होती रही। पिछले साल जिला मुख्यालय के आसपास हुई ओलावृष्टि से सरसों की फसल व आम का बौर पूरी तरह बर्बाद हो गए थे। दो दिन पहले महाशिवरात्रि पर पूरा दिन बारिश होने से फसलों की अच्छी सिंचाई हो चुकी थी। बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से किसान चिंतित हैं।
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खेतों में इस समय सरसों की फसल तैयार है। ओलावृष्टि से सरसों की फसल को बहुत नुकसान होगा। इसके अलावा गेहूं, आलू व अन्य फसलों को भी नुकसान होगा। हरेवली क्षेत्र के किसान यशवीर सिंह, ओमपाल सिंह, चंद्रपाल सिंह, सोमपाल सिंह आदि का कहना है कि फरवरी में अब होने वाली बारिश परेशानी का सबब बनेगी। किसान 15 फरवरी से खेतों में गन्ना बोना शुरू कर देते हैं। लेकिन इस बार खेतों में बारिश की वजह से नमी होने से किसान गन्ना नहीं बो पा रहे हैं। ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी तैैयार फसल भी बर्बाद हो जाती है। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्रा के अनुसार ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का आंकलन कराया जाएगा।
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