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Bijnor News: बिजनौर - आम बजट से नाखुश रहे किसान, युवाओं में दिखा उत्साह
Thu, 02 Feb 2023 09:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 02 Feb 2023 09:23 AM IST
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व्यापारी मनोज कुच्छल।
- आयकर छूट की सीमा बढ़ाए जाने से व्यापारियों ने जाहिर की खुशी
- लोगों ने आम बजट को लेकर दी मिलीजुली प्रतिक्रिया
फोटो-23 से 29 व 34, 35, 36, 37
बिजनौर। भारत सरकार ने बुधवार को आम बजट पेश किया। बजट में किए गए तमाम प्रावधानों के साथ साथ आयकर छूट सीमा बढ़ाकर सात लाख रुपये की गई है। आयकर छूट का दायरा बढ़ाए जाने से व्यापारियों ने इसे हितकारी बताया। स्मार्टफोन सहित कई इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को सस्ता किए जाने से युवाओं ने बजट का स्वागत किया है। युवा वर्ग इस बजट को अच्छा बता रहा है। हालांकि किसान बजट से नाखुश नजर आए। संवाद
किसानों के लिए खास नहीं बजट : नितिन सिरोही
भाकियू अराजनैतिक जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही नितिन सिरोही का कहना है कि बजट में किसानों के लिए कुछ खास नहीं है। किसानों के उत्थान के लिए कोई नीति नहीं लाई गई। कीटनाशक एवं कृषि यंत्रों को जीएसटी से बाहर रखना चाहिए था। यह बजट किसानों के लिए नहीं है।
कृषि यंत्र होने चाहिए थे टैक्स फ्री : महिपाल सिंह तोमर
राष्ट्रीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह तोमर ने कहा कि सरकार ने जो बजट पेश किया है, वह किसानों के हिसाब से निराशाजनक है। खेती में उपयोग होने वाले यंत्रों, खाद, बीज को टैक्स फ्री करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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बजट में शिक्षा पर दिया गया कम ध्यान : मनीष कुमार
युवा मनीष कुमार का कहना है कि बजट में मोबाइल और एलसीडी सस्ती हुई हैं। बजट में युवाओं की पसंद का ध्यान रखा गया है। शिक्षा पर कम ध्यान दिया गया है। जो बच्चे आगे पढ़ने में असक्षम है, उनके लिए कोई स्कीम होनी चाहिए थी।
युवाओं की जरूरत का रखा गया ध्यान : कार्तिक जिंदल
युवा कार्तिक जिंदल ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों और मोबाइल सस्ते होंगे। इस बजट से युवा खुश हैं। बजट में युवाओं की जरूरतों का ध्यान रखा गया है। सरकार को बजट में शिक्षा को अधिक महत्व देना चाहिए था। शिक्षा पर छूट जरूरी है।
व्यापारियों की पेंशन और जीएसटी नहीं हुआ कम : मनोज कुच्छल
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय महामंत्री मनोज कुच्छल का कहना है कि व्यापारियों की पेंशन और जीएसटी कर कम करने की मांग थी। लेकिन दोनों को ही पूरा नहीं किया गया है। हालांकि आयकर सीमा बढ़ाकर मामूली राहत दी है।
आयकर में छूट व्यापारियों के लिए राहत : अगम कर्णवाल
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल जिलाध्यक्ष अगम कर्णवाल ने कहा कि आयकर सीमा बढ़ाकर व्यापारियों को राहत दी गई है। जिससे व्यापारी पर दोहरी मार नहीं पड़ेगी। व्यापारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। जीएसटी में छूट करनी चाहिए थी।
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रसोई का बजट नहीं हुआ हल्का : संजना देशवाल
गृहिणी संजना देशवाल का कहना है इस बजट में रसोई का बजट हल्का होने की काफी उम्मीद थी, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। महंगाई के बढ़ने से रसोई का खर्च बढ़ रहा है। जो परिवार की आर्थिक स्थिति पर प्रभाव डाल रहा है।
कपड़ा सस्ता करना अच्छा कदम : अलका चौधरी
गृहिणी अलका चौधरी ने बजट में कपड़ों को सस्ता करना अच्छा कदम बताया है। लेकिन रसोई से जुड़ा सामान सस्ता नहीं होने से निराशा है। क्योंकि महंगाई बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ रहा है। खानपान की चीजों में लगातार वृद्धि हो रही है।
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छोटे कर्मचारियों को मिलेगा फायदा : राकेश कुमार
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष राकेश कुमार का कहना है कि बजट में कर्मचारियों के लिए कोई विशेष राहत नहीं है। मगर पिछले सालों के मुकाबले आयकर सीमा बढ़ाने से छोटे कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
कम आय वाले कर्मचारियों के लिए बजट में राहत : क्रांति कुमार शर्मा
राजकीय इंटर कालेज बिजनौर में वरिष्ठ सहायक एवं यूपी एजुकेशन मिनिस्ट्रियल आफिसर्स एसोसिएशन के जिला मंत्री क्रांति कुमार शर्मा ने बजट को कम आय वाले कर्मचारियों के लिए राहत देने वाला बताया है।
छूट सीमा और बढ़ाई जानी चाहिए थी : विकल रस्तोगी
जीवन बीमा निगम में कार्यरत विकल रस्तोगी का कहना है कि बजट में 50 हजार रुपए मासिक वेतन वाले कर्मचारियों को टैक्स में छूट देकर राहत दी है। छूट सीमा थोड़ी और बढ़ाई जानी चाहिए थी। बजट में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का भी प्रशंसनीय प्रयास है।
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- लोगों ने आम बजट को लेकर दी मिलीजुली प्रतिक्रिया
फोटो-23 से 29 व 34, 35, 36, 37
बिजनौर। भारत सरकार ने बुधवार को आम बजट पेश किया। बजट में किए गए तमाम प्रावधानों के साथ साथ आयकर छूट सीमा बढ़ाकर सात लाख रुपये की गई है। आयकर छूट का दायरा बढ़ाए जाने से व्यापारियों ने इसे हितकारी बताया। स्मार्टफोन सहित कई इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को सस्ता किए जाने से युवाओं ने बजट का स्वागत किया है। युवा वर्ग इस बजट को अच्छा बता रहा है। हालांकि किसान बजट से नाखुश नजर आए। संवाद
किसानों के लिए खास नहीं बजट : नितिन सिरोही
भाकियू अराजनैतिक जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही नितिन सिरोही का कहना है कि बजट में किसानों के लिए कुछ खास नहीं है। किसानों के उत्थान के लिए कोई नीति नहीं लाई गई। कीटनाशक एवं कृषि यंत्रों को जीएसटी से बाहर रखना चाहिए था। यह बजट किसानों के लिए नहीं है।
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कृषि यंत्र होने चाहिए थे टैक्स फ्री : महिपाल सिंह तोमर
राष्ट्रीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह तोमर ने कहा कि सरकार ने जो बजट पेश किया है, वह किसानों के हिसाब से निराशाजनक है। खेती में उपयोग होने वाले यंत्रों, खाद, बीज को टैक्स फ्री करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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बजट में शिक्षा पर दिया गया कम ध्यान : मनीष कुमार
युवा मनीष कुमार का कहना है कि बजट में मोबाइल और एलसीडी सस्ती हुई हैं। बजट में युवाओं की पसंद का ध्यान रखा गया है। शिक्षा पर कम ध्यान दिया गया है। जो बच्चे आगे पढ़ने में असक्षम है, उनके लिए कोई स्कीम होनी चाहिए थी।
युवाओं की जरूरत का रखा गया ध्यान : कार्तिक जिंदल
युवा कार्तिक जिंदल ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों और मोबाइल सस्ते होंगे। इस बजट से युवा खुश हैं। बजट में युवाओं की जरूरतों का ध्यान रखा गया है। सरकार को बजट में शिक्षा को अधिक महत्व देना चाहिए था। शिक्षा पर छूट जरूरी है।
व्यापारियों की पेंशन और जीएसटी नहीं हुआ कम : मनोज कुच्छल
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय महामंत्री मनोज कुच्छल का कहना है कि व्यापारियों की पेंशन और जीएसटी कर कम करने की मांग थी। लेकिन दोनों को ही पूरा नहीं किया गया है। हालांकि आयकर सीमा बढ़ाकर मामूली राहत दी है।
आयकर में छूट व्यापारियों के लिए राहत : अगम कर्णवाल
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल जिलाध्यक्ष अगम कर्णवाल ने कहा कि आयकर सीमा बढ़ाकर व्यापारियों को राहत दी गई है। जिससे व्यापारी पर दोहरी मार नहीं पड़ेगी। व्यापारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। जीएसटी में छूट करनी चाहिए थी।
रसोई का बजट नहीं हुआ हल्का : संजना देशवाल
गृहिणी संजना देशवाल का कहना है इस बजट में रसोई का बजट हल्का होने की काफी उम्मीद थी, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। महंगाई के बढ़ने से रसोई का खर्च बढ़ रहा है। जो परिवार की आर्थिक स्थिति पर प्रभाव डाल रहा है।
कपड़ा सस्ता करना अच्छा कदम : अलका चौधरी
गृहिणी अलका चौधरी ने बजट में कपड़ों को सस्ता करना अच्छा कदम बताया है। लेकिन रसोई से जुड़ा सामान सस्ता नहीं होने से निराशा है। क्योंकि महंगाई बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ रहा है। खानपान की चीजों में लगातार वृद्धि हो रही है।
छोटे कर्मचारियों को मिलेगा फायदा : राकेश कुमार
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष राकेश कुमार का कहना है कि बजट में कर्मचारियों के लिए कोई विशेष राहत नहीं है। मगर पिछले सालों के मुकाबले आयकर सीमा बढ़ाने से छोटे कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
कम आय वाले कर्मचारियों के लिए बजट में राहत : क्रांति कुमार शर्मा
राजकीय इंटर कालेज बिजनौर में वरिष्ठ सहायक एवं यूपी एजुकेशन मिनिस्ट्रियल आफिसर्स एसोसिएशन के जिला मंत्री क्रांति कुमार शर्मा ने बजट को कम आय वाले कर्मचारियों के लिए राहत देने वाला बताया है।
छूट सीमा और बढ़ाई जानी चाहिए थी : विकल रस्तोगी
जीवन बीमा निगम में कार्यरत विकल रस्तोगी का कहना है कि बजट में 50 हजार रुपए मासिक वेतन वाले कर्मचारियों को टैक्स में छूट देकर राहत दी है। छूट सीमा थोड़ी और बढ़ाई जानी चाहिए थी। बजट में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का भी प्रशंसनीय प्रयास है।