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Bijnor News: दलहनी-तिलहनी फसलों की बुुवाई करने वाले किसान होेंगे प्रोत्साहित
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संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। गन्ना विभाग और चीनी मिल की ओर से अभी से वसंतकालीन गन्ने की बुवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। किसानों के खेतों में नवीनतम प्रजाति के बोए गन्ने को बीज के लिए सुरक्षित किया जा रहा है।
जिन किसानों ने शरदकालीन गन्ने की बुवाई के साथ दलहन-तिलहनी फसलें बोई हैं, गन्ना विभाग की ओर से ऐसे किसानों को राष्ट्रीय खाद सुरक्षा मिशन के अंतर्गत पहले आओ -पहले पाओ की तर्ज पर प्रोत्साहित करेगा।
गन्ना विकास परिषद के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडे ने बताया कि शरद कालीन गन्ने की बुबाई चार हजार हेक्टेयर लक्ष्य के सापेक्ष एक हजार कम हुई है। अच्छा रहा है कि इस बार किसानों ने रेड रॉट बीमारी से ग्रसित 0238 प्रजाति की बुवा नहीं की।
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लगभग तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में नवीन प्रजातियों से गन्ने की बुवाई हुई है। इस बार धामपुर चीनी मिल का 25 हजार हेक्टेयर वसंतकालीन बुवाई का लक्ष्य है। इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। जिन किसानों के खेतों में नवीनतम प्रजाति का गन्ना है, उनके गन्ने को खेतों में सुरक्षित कराया जा रहा है। ताकि वे इन नवीनतम प्रजातियों के गन्ने की चीनी मिल में आपूर्ति न कर सकें। ऐसे किसानों को चीनी मिल द्वारा इंसेंटिव देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्रति हेक्टेयर नौ हजार की धनराशि से होंगे प्रोत्साहित : ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक का कहना है कि सरकार की ओर से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए योजना चलाई गई है। योजना के अंतर्गत ऐसे किसानों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर प्रति हेक्टेयर नौ हजार की धनराशि देकर प्रोत्साहित किया जाएगा। जिन किसानों ने अपने खेतों में गन्ने की बुवाई के दौरान दलहनी और तिलहनी फसलों की बुवाई की है, उनसे तत्काल पंजीकरण कराने का सुझाव दिया जा रहा है।
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धामपुर। गन्ना विभाग और चीनी मिल की ओर से अभी से वसंतकालीन गन्ने की बुवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। किसानों के खेतों में नवीनतम प्रजाति के बोए गन्ने को बीज के लिए सुरक्षित किया जा रहा है।
जिन किसानों ने शरदकालीन गन्ने की बुवाई के साथ दलहन-तिलहनी फसलें बोई हैं, गन्ना विभाग की ओर से ऐसे किसानों को राष्ट्रीय खाद सुरक्षा मिशन के अंतर्गत पहले आओ -पहले पाओ की तर्ज पर प्रोत्साहित करेगा।
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गन्ना विकास परिषद के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडे ने बताया कि शरद कालीन गन्ने की बुबाई चार हजार हेक्टेयर लक्ष्य के सापेक्ष एक हजार कम हुई है। अच्छा रहा है कि इस बार किसानों ने रेड रॉट बीमारी से ग्रसित 0238 प्रजाति की बुवा नहीं की।
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लगभग तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में नवीन प्रजातियों से गन्ने की बुवाई हुई है। इस बार धामपुर चीनी मिल का 25 हजार हेक्टेयर वसंतकालीन बुवाई का लक्ष्य है। इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। जिन किसानों के खेतों में नवीनतम प्रजाति का गन्ना है, उनके गन्ने को खेतों में सुरक्षित कराया जा रहा है। ताकि वे इन नवीनतम प्रजातियों के गन्ने की चीनी मिल में आपूर्ति न कर सकें। ऐसे किसानों को चीनी मिल द्वारा इंसेंटिव देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्रति हेक्टेयर नौ हजार की धनराशि से होंगे प्रोत्साहित : ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक का कहना है कि सरकार की ओर से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए योजना चलाई गई है। योजना के अंतर्गत ऐसे किसानों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर प्रति हेक्टेयर नौ हजार की धनराशि देकर प्रोत्साहित किया जाएगा। जिन किसानों ने अपने खेतों में गन्ने की बुवाई के दौरान दलहनी और तिलहनी फसलों की बुवाई की है, उनसे तत्काल पंजीकरण कराने का सुझाव दिया जा रहा है।