{"_id":"610ada128ebc3e88d36048f1","slug":"farmers-protest-for-vaccination-of-animals-bijnor-news-mrt550482591","type":"story","status":"publish","title_hn":"पशुओं के टीकाकरण के लिए किसानों का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पशुओं के टीकाकरण के लिए किसानों का प्रदर्शन
विज्ञापन
बिजनौर में विकास भवन में पशुपालन विभाग में धरने पर बैठकर एसडीएम व पशु चिकित्साधिकारी।
- फोटो : BIJNOR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पशुओं के टीकाकरण के लिए किसानों का प्रदर्शन
बिजनौर। भाकियू कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने पशुओं में खुरपका व मुंहपका का टीकाकरण न किए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान किसानों ने खूब नारेबाजी की। एसडीएम व सीवीओ ने पूरे जिले में अभियान को और तेजी से बढ़ाने की बात कहकर किसानों को शांत किया।
बुधवार को भाकियू पदाधिकारी व किसान नारेबाजी करते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के पास पहुंचे। सीवीओ डा.बिजेंद्र सिंह के सभागार में बैठक होने पर किसान उनके कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। एसडीएम विक्रमादित्य सिंह मलिक किसानों के बीच पहुंचे और उनके साथ नीचे ही बैठ गए। किसानों ने बताया कि पशुओं को खुरपका व मुंहपका के टीके नहीं लगाए जा रहे हैं। इससे जिले में बड़ी तादाद में पशु मर रहे हैं। पशुपालन विभाग केवल कागजों में टीकाकरण कर रही है।
किसानों के बीच पहुंचे सीवीओ डा.बिजेंद्र सिंह ने बताया कि खुरपका व मुंहपका की बीमारी से आमतौर पर पशुओं की मौत नहीं होती है, लेकिन यह संक्रामक है और बहुत तेेजी से फैलती है। उन्होंने बताया कि पशुओं का टीकाकरण करीब 15 दिन से किया जा रहा है। आज भी शासन से तीन लाख टीके मांगे गए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार केवल उन पशुओं का ही टीकाकरण किया जाएगा जिनकी ईयर टैगिंग हो जाएगी। उन्होंने किसानों से पशुओं की ईयर टैगिंग कराने में सहयोग करने की अपील की। वार्ता के बाद किसानों का धरना समाप्त हो गया। इस दौरान युवा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह, कुलदीप सिंह, संदीप त्यागी, धर्मेंद्र राठी, तपेंद्र प्रधान, राजपाल सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। भाकियू कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने पशुओं में खुरपका व मुंहपका का टीकाकरण न किए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान किसानों ने खूब नारेबाजी की। एसडीएम व सीवीओ ने पूरे जिले में अभियान को और तेजी से बढ़ाने की बात कहकर किसानों को शांत किया।
बुधवार को भाकियू पदाधिकारी व किसान नारेबाजी करते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के पास पहुंचे। सीवीओ डा.बिजेंद्र सिंह के सभागार में बैठक होने पर किसान उनके कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। एसडीएम विक्रमादित्य सिंह मलिक किसानों के बीच पहुंचे और उनके साथ नीचे ही बैठ गए। किसानों ने बताया कि पशुओं को खुरपका व मुंहपका के टीके नहीं लगाए जा रहे हैं। इससे जिले में बड़ी तादाद में पशु मर रहे हैं। पशुपालन विभाग केवल कागजों में टीकाकरण कर रही है।
विज्ञापन
किसानों के बीच पहुंचे सीवीओ डा.बिजेंद्र सिंह ने बताया कि खुरपका व मुंहपका की बीमारी से आमतौर पर पशुओं की मौत नहीं होती है, लेकिन यह संक्रामक है और बहुत तेेजी से फैलती है। उन्होंने बताया कि पशुओं का टीकाकरण करीब 15 दिन से किया जा रहा है। आज भी शासन से तीन लाख टीके मांगे गए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार केवल उन पशुओं का ही टीकाकरण किया जाएगा जिनकी ईयर टैगिंग हो जाएगी। उन्होंने किसानों से पशुओं की ईयर टैगिंग कराने में सहयोग करने की अपील की। वार्ता के बाद किसानों का धरना समाप्त हो गया। इस दौरान युवा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह, कुलदीप सिंह, संदीप त्यागी, धर्मेंद्र राठी, तपेंद्र प्रधान, राजपाल सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन