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Bijnor News: किसानों ने चंदा और श्रमदान कर मालन नदी पर तैयार किया पुल
Sat, 09 Nov 2024 11:27 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sat, 09 Nov 2024 11:27 PM IST
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नांगलसोती-पूंडरीकला के निकट मालन नदी पर बनाया गया अस्थायी पुल। (स्रोत-ग्रामीण)
नांगलसोती/नजीबाबाद (बिजनौर)। गांव पूंडरीकला और आस-पास के ग्रामीणों ने चंदे और श्रमदान से मालन नदी पर अस्थायी पुल तैयार कर दिया है। मालन में उफान आने पर यह पुल बह जाता है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
किसानों की मांग पर बरकातपुर चीनी मिल ने किसानों को ह्यूम पाइप सहित अन्य सामग्री उपलब्ध कराई। क्षेत्रीय किसानों ने इकट्ठा किए गए चंदे से शनिवार को मालन नदी पर अस्थायी पुल बनाने का कार्य शुरू कराया। किसानों ने श्रमदान कर और जेसीबी के माध्यम से दोपहर तक नदी पर अस्थायी पुल बना लिया।
मालन नदी पर अस्थायी पुल बनने से किसान बरकातपुर चीनी मिल तक गन्ना ढुलान कर पाते हैं। इसके साथ ही अस्थायी पुल बनने से गांव बरकातपुर, पूंडरीकला, पूंडरी खुर्द, कामराजपुर, सबलपुर बीतरा का किरतपुर के बाजार सहित भोजपुर, खेड़ी, बरमपुर, मौजमपुर, नया गांव से संपर्क जुड़ जाता है।
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फाइलों में दबकर रह जाती है पुल निर्माण की मंजूरी
यूं तो पुल का निर्माण सरकारी बजट से होना चाहिए था, मगर इसकी मंजूरी लखनऊ स्तर पर फाइलों में दबकर रह जाती है। जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के दिग्गज नेता भी आज तक इस पुल के निर्माण को मंजूरी नहीं दिला सके।
बोले किसान
किसान हर साल श्रमदान और चंदा इकट्ठा कर मालन नदी पर अस्थायी पुल बनाते हैं, लेकिन वह पुल बरसात में बह जाता है। किसान पक्का पुल निर्माण कराने की वर्षों से मांग कर रहे हैं।
- सुबोध राजपूत, पूर्व प्रधान पूंडरीकला
बरसात में लोगों को आवागमन के लिए मालन नदी से होकर गुजरना पड़ता है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर कई बार किसानों की जान पर भी खतरा बन जाता है।
- संदीप राठी, पूंडरीकला
बरसात में चारा लाने के लिए लोगों को नदी पार करना पड़ता हैं। किसानों की मांग पर पुल निर्माण का प्रस्ताव तो तैयार हुआ, लेकिन प्रस्ताव फाइलों में सिमट गया
- महेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान पूंडरीकला
बरसात में मालन नदी के तेज बहाव में अस्थायी पुल बह जाता है। जिससे कई गांव का संपर्क एक दूसरे से कट जाता है। बरसात के बाद लोगोें को आवागमन में परेशानी होती है।
- दुष्यंत कुमार, निवासी पूंडरीकला।
पूंडरीकला के निकट मालन नदी पर पुल बनाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। मंजूरी नहीं मिली थी। पुल निर्माण की अनुमति के लिए पुन: शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
- शैलेंद्र सारस्वत, अधिशासी अधिकारी, लोनिवि
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किसानों की मांग पर बरकातपुर चीनी मिल ने किसानों को ह्यूम पाइप सहित अन्य सामग्री उपलब्ध कराई। क्षेत्रीय किसानों ने इकट्ठा किए गए चंदे से शनिवार को मालन नदी पर अस्थायी पुल बनाने का कार्य शुरू कराया। किसानों ने श्रमदान कर और जेसीबी के माध्यम से दोपहर तक नदी पर अस्थायी पुल बना लिया।
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मालन नदी पर अस्थायी पुल बनने से किसान बरकातपुर चीनी मिल तक गन्ना ढुलान कर पाते हैं। इसके साथ ही अस्थायी पुल बनने से गांव बरकातपुर, पूंडरीकला, पूंडरी खुर्द, कामराजपुर, सबलपुर बीतरा का किरतपुर के बाजार सहित भोजपुर, खेड़ी, बरमपुर, मौजमपुर, नया गांव से संपर्क जुड़ जाता है।
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फाइलों में दबकर रह जाती है पुल निर्माण की मंजूरी
यूं तो पुल का निर्माण सरकारी बजट से होना चाहिए था, मगर इसकी मंजूरी लखनऊ स्तर पर फाइलों में दबकर रह जाती है। जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के दिग्गज नेता भी आज तक इस पुल के निर्माण को मंजूरी नहीं दिला सके।
बोले किसान
किसान हर साल श्रमदान और चंदा इकट्ठा कर मालन नदी पर अस्थायी पुल बनाते हैं, लेकिन वह पुल बरसात में बह जाता है। किसान पक्का पुल निर्माण कराने की वर्षों से मांग कर रहे हैं।
- सुबोध राजपूत, पूर्व प्रधान पूंडरीकला
बरसात में लोगों को आवागमन के लिए मालन नदी से होकर गुजरना पड़ता है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर कई बार किसानों की जान पर भी खतरा बन जाता है।
- संदीप राठी, पूंडरीकला
बरसात में चारा लाने के लिए लोगों को नदी पार करना पड़ता हैं। किसानों की मांग पर पुल निर्माण का प्रस्ताव तो तैयार हुआ, लेकिन प्रस्ताव फाइलों में सिमट गया
- महेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान पूंडरीकला
बरसात में मालन नदी के तेज बहाव में अस्थायी पुल बह जाता है। जिससे कई गांव का संपर्क एक दूसरे से कट जाता है। बरसात के बाद लोगोें को आवागमन में परेशानी होती है।
- दुष्यंत कुमार, निवासी पूंडरीकला।
पूंडरीकला के निकट मालन नदी पर पुल बनाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। मंजूरी नहीं मिली थी। पुल निर्माण की अनुमति के लिए पुन: शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
- शैलेंद्र सारस्वत, अधिशासी अधिकारी, लोनिवि