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कृषि कानूनों के खिलाफ भड़के किसान
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धामपुर में कृषि कानूनों की प्रतियां फाड कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्त
- फोटो : DHAMPUR
कृषि कानूनों के खिलाफ भड़के किसान
धामपुर। भाकियू कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से पास किए कृषि के तीनों कानूनों की प्रतियों को फाड़ डाला। चेताया कि उन्हें किसी भी हालत में तीनों कृषि कानून बर्दाश्त नहीं है। यदि सरकार ने इन कानूनों को रद्द नहीं किया तो विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करने का प्रयास किया जाएगा।
तहसील अध्यक्ष राजेंद्र सिंह जाट के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ता सवेरे दस बजे तहसील पहुंचे। किसानों के आंदोलन के मद्देनजर धामपुर और अफजलगढ़ सीओ सर्किल के अधिकांश थानों की पुलिस, पीएसी बल के साथ भारी संख्या में तैनात रही। एसडीएम तिराहे पर पुलिस ने किसानों को तहसील में आने से रोकने के लिए बेरिकेडिंग लगा दी।
किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर तीनों कृषि कानूनों को काले कानून बता उनके प्रतियों को फाड़ डाला। इसके अलावा गन्ने का पेमेंट 14 दिन के भीतर कराने, आवारा गोवंश को पशुशाला में छुड़वाने, बिजली की दरों को कम करने, गेहूं क्रय केंद्रों पर नियमित तौल कराने सहित कई मांग उठाई। उधर, कार्यकर्ताओं ने नहटौर के एसओ पर आरोप लगाया कि यदि कोई किसान समस्या का निदान की मांग को लेकर नहटौर थाने में एसओ से मिलने को जाता है तो एसओ उनके साथ अभद्रता करते हैं। किसानों ने इस बाबत एसपी पूर्वी और एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन में गजेंद्र सिंह टिकैत, कविराज, अमर प्रकाश शर्मा, सत्यवीर, निपेंद्र राणा, सोनू चौधरी, इंद्रवीर सिंह, अजय कुमार, देवराज, दुष्यंत राणा रहे। संचालन कविराज सिंह ने किया।
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धामपुर। भाकियू कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से पास किए कृषि के तीनों कानूनों की प्रतियों को फाड़ डाला। चेताया कि उन्हें किसी भी हालत में तीनों कृषि कानून बर्दाश्त नहीं है। यदि सरकार ने इन कानूनों को रद्द नहीं किया तो विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करने का प्रयास किया जाएगा।
तहसील अध्यक्ष राजेंद्र सिंह जाट के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ता सवेरे दस बजे तहसील पहुंचे। किसानों के आंदोलन के मद्देनजर धामपुर और अफजलगढ़ सीओ सर्किल के अधिकांश थानों की पुलिस, पीएसी बल के साथ भारी संख्या में तैनात रही। एसडीएम तिराहे पर पुलिस ने किसानों को तहसील में आने से रोकने के लिए बेरिकेडिंग लगा दी।
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किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर तीनों कृषि कानूनों को काले कानून बता उनके प्रतियों को फाड़ डाला। इसके अलावा गन्ने का पेमेंट 14 दिन के भीतर कराने, आवारा गोवंश को पशुशाला में छुड़वाने, बिजली की दरों को कम करने, गेहूं क्रय केंद्रों पर नियमित तौल कराने सहित कई मांग उठाई। उधर, कार्यकर्ताओं ने नहटौर के एसओ पर आरोप लगाया कि यदि कोई किसान समस्या का निदान की मांग को लेकर नहटौर थाने में एसओ से मिलने को जाता है तो एसओ उनके साथ अभद्रता करते हैं। किसानों ने इस बाबत एसपी पूर्वी और एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन में गजेंद्र सिंह टिकैत, कविराज, अमर प्रकाश शर्मा, सत्यवीर, निपेंद्र राणा, सोनू चौधरी, इंद्रवीर सिंह, अजय कुमार, देवराज, दुष्यंत राणा रहे। संचालन कविराज सिंह ने किया।
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