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मोदी ने डॉ. स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं करके चुनावी वादा पूरा नहीं किया
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Sun, 09 Oct 2016 04:34 PM IST
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बिजनौर के स्योहारा में बदहाल होती कृषि अर्थ व्यवस्था को बचाने की मांग को लेकर जिला किसान सभा का दो दिवसीय सम्मेलन स्थानीय एम क्यू इंटर कॉलेज में शुरू हुआ। वक्ताओं ने कहा कि किसानों को फसलों का वाजिब दाम नहीं मिलता।
सभा में उत्तर प्रदेश किसान सभा के प्रांतीय अध्यक्ष डी पी. सिंह ने किसानों की जर्जर अर्थव्यवस्था की चर्चा करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई लागू कर विदेशी कंपनियों द्वारा किसानों की जमीन छिनवाकर मोदी कौन सी देशभक्ति दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने चुनाव प्रचार में बड़े जोर शोर से किसानों की फसलों के दामों के मामले में डा स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का वादा किया था, लेकिन पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि देश के पूंजीपतियों के पास इस कर्ज का 90 प्रतिशत है। सरकार इसे वसूलने की बजाय इसे माफ कर रही है। पांच हजार के कर्ज वाले किसान को तहसीलों की हवालातों मेे बंद किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों को अभी फसलों का लाभकारी दाम दिलाने एक मजबूत किसान आंदोलन खड़ा करने की जरूरत है। माकपा नेता रामपाल सिंह ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी कृषि अर्थव्यवस्था सरकार की नीतियों के चलते चौपट हो रही है। उन्होंने किसानों की एकता पर जोर देते हुए उनकी समस्याओं को लेकर जनांदोलन तेज करने पर बल दिया। राजेंद्र ने किसानों की दयनीय स्थिति पर चर्चा की। अमर सिंह की अध्यक्षता तथा मनव्वर जलील के संचालन में संपन्न सभा को नरेश शर्मा, फरीद अहमद आदि ने संबोधित किया।
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सभा में उत्तर प्रदेश किसान सभा के प्रांतीय अध्यक्ष डी पी. सिंह ने किसानों की जर्जर अर्थव्यवस्था की चर्चा करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई लागू कर विदेशी कंपनियों द्वारा किसानों की जमीन छिनवाकर मोदी कौन सी देशभक्ति दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने चुनाव प्रचार में बड़े जोर शोर से किसानों की फसलों के दामों के मामले में डा स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का वादा किया था, लेकिन पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि देश के पूंजीपतियों के पास इस कर्ज का 90 प्रतिशत है। सरकार इसे वसूलने की बजाय इसे माफ कर रही है। पांच हजार के कर्ज वाले किसान को तहसीलों की हवालातों मेे बंद किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों को अभी फसलों का लाभकारी दाम दिलाने एक मजबूत किसान आंदोलन खड़ा करने की जरूरत है। माकपा नेता रामपाल सिंह ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी कृषि अर्थव्यवस्था सरकार की नीतियों के चलते चौपट हो रही है। उन्होंने किसानों की एकता पर जोर देते हुए उनकी समस्याओं को लेकर जनांदोलन तेज करने पर बल दिया। राजेंद्र ने किसानों की दयनीय स्थिति पर चर्चा की। अमर सिंह की अध्यक्षता तथा मनव्वर जलील के संचालन में संपन्न सभा को नरेश शर्मा, फरीद अहमद आदि ने संबोधित किया।
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