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मनरेगा में कर दिया गया 45 हजार का फर्जी भुगतान
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बिजनौर। मनरेगा में फर्जी भुगतान करने का मामला मिला है। पंचायत में बिना मजदूरी किए प्रधान के माता तथा भाई को भुगतान किए जाने का आरोप है। सीडीओ पूर्ण बोरा ने पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक तथा मनरेगा का कामकाज देख रहे कर्मचारी से वसूली करने के निर्देश दिए हैं।
मामला ब्लाक मोहम्मदपुर देवमल की ग्राम पंचायत नसीरी का है। सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि पंचायत में राजन सिंह सचिव, रणजीत सिंह तकनीकी सहायक तथा अर्जुन सिंह मनरेगा में का कामकाज देख रहे हैं। पंचायतों में अमृत सरोवरों का निर्माण, सीसी रोड आदि निर्माण कार्य चल रहे हैं। मजदूरी का काम मनरेगा श्रमिकों को दिया जाता है।
ग्रामीणों ने मनरेगा में फर्जी भुगतान की शिकायत की थी। जिस पर मामले की जांच कराई गई। सीडीओ ने बताया कि जांच में सामने आया है कि पंचायत में ग्राम प्रधान की माता तथा भाई को बिना मजदूरी किए 212 कार्य दिवस का कथित फर्जी रूप से भुगतान किया गया है। पैसा बिना काम किए दोनों के खातों में भेजा गया है।
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फर्जी भुगतान की वसूली के निर्देश
सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि शासन की भ्रष्टाचार की जीरो टॉलरेंस नीति है। पंचायतों में गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। इसलिए मामले में मनरेगा नियमों के अंतर्गत 212 दिनों की मजदूरी 45,156 रुपये के कथित फर्जी भुगतान के वसूली के निर्देश उपायुक्त श्रम रोजगार को दिए गए हैं। वसूली पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक तथा मनरेगा मेट से होगी।
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मामला ब्लाक मोहम्मदपुर देवमल की ग्राम पंचायत नसीरी का है। सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि पंचायत में राजन सिंह सचिव, रणजीत सिंह तकनीकी सहायक तथा अर्जुन सिंह मनरेगा में का कामकाज देख रहे हैं। पंचायतों में अमृत सरोवरों का निर्माण, सीसी रोड आदि निर्माण कार्य चल रहे हैं। मजदूरी का काम मनरेगा श्रमिकों को दिया जाता है।
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ग्रामीणों ने मनरेगा में फर्जी भुगतान की शिकायत की थी। जिस पर मामले की जांच कराई गई। सीडीओ ने बताया कि जांच में सामने आया है कि पंचायत में ग्राम प्रधान की माता तथा भाई को बिना मजदूरी किए 212 कार्य दिवस का कथित फर्जी रूप से भुगतान किया गया है। पैसा बिना काम किए दोनों के खातों में भेजा गया है।
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फर्जी भुगतान की वसूली के निर्देश
सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि शासन की भ्रष्टाचार की जीरो टॉलरेंस नीति है। पंचायतों में गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। इसलिए मामले में मनरेगा नियमों के अंतर्गत 212 दिनों की मजदूरी 45,156 रुपये के कथित फर्जी भुगतान के वसूली के निर्देश उपायुक्त श्रम रोजगार को दिए गए हैं। वसूली पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक तथा मनरेगा मेट से होगी।