बच्चों को समझाएं उर्दू का महत्व
बिजनौर। अलखिदमत सोसाइटी बिजनौर के तत्वावधान में हिंदुस्तान में उर्दू जबां की बका और फरोग में हमारी मुश्तरका जिम्मेदारी विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। एक होटल में रविवार को आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी उपस्थित रहे। फैज-ए-आम डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर डा. असलम ने कहा कि उर्दृ भाषा को विस्तार देने में शिक्षण संस्थानों की अहम भूमिका है, इनसे ही आने वाली पीढ़ी उर्दू सीख पाएगी। मुस्लिम भाइयों को उर्दू की अहमियत समझनी होगी। उर्दू भाषा को बढ़ावा देने के लिए उर्दू समाचार पत्र पढ़ने चाहिए तथा उर्दू के लिए मीडिया स्कूल खोलने चाहिए। सरकार को उर्दू भाषा को इंटरनेट और रोजगार से जोड़ने के लिए कदम उठाने चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता शकील बिजनौरी ने की। सेमिनार में परवेज आदिल, डा. जेबा नाज, डा. उजमा खान, पत्रकार सूर्यमणि रघुवंशी, चांदनी अब्बासी आदि ने विचार रखे।