{"_id":"587bbaa34f1c1b665fefe05e","slug":"escaped-death-from-the-balcony-of-the-innocent","type":"story","status":"publish","title_hn":"छज्जे से दबकर मासूम की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छज्जे से दबकर मासूम की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Jan 2017 11:38 PM IST
विज्ञापन
मकान जिसका छज्जा (लाल घेरे में) गिरने से बच्चे की मौत हुई।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में मां के साथ इतवार बाजार से लौट रहे एक साल के एक मासूम पर निर्माणाधीन मकान का छज्जा गिरने से उसकी मौत हो गई। बच्चे की मां भी घायल हो गई। मासूम की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
नई बस्ती निवासी अथर की पत्नी फरहीन पास की सुमायला के साथ रामलीला मैदान में लगने वाले इतवार बाजार में गई थी। फरहीन के साथ उसका एक साल का बेटा लकी भी था। शाम करीब पांच बजे वे इतवार बाजार से लौट रही थीं। मछली बाजार में निर्माणाधीन मकान की तीसरी मंजिल की खिड़की के ऊपर लगा छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। छज्जा का मलबा नीचे गुजर रही बिजली की लाइन से टकराकर फरहीन की गोद में मासूम लकी पर जा गिरा। मलबे की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हुए लकी और फरहीन बुरी तरह घायल हो गए। छज्जा गिरने से मोहल्ले में भी हड़कंप मच गया। परिजन दोनों को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने लकी को मृत घोषित कर दिया। मासूम बेटे की मौत से घर वालों का रो रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
नई बस्ती निवासी अथर की पत्नी फरहीन पास की सुमायला के साथ रामलीला मैदान में लगने वाले इतवार बाजार में गई थी। फरहीन के साथ उसका एक साल का बेटा लकी भी था। शाम करीब पांच बजे वे इतवार बाजार से लौट रही थीं। मछली बाजार में निर्माणाधीन मकान की तीसरी मंजिल की खिड़की के ऊपर लगा छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। छज्जा का मलबा नीचे गुजर रही बिजली की लाइन से टकराकर फरहीन की गोद में मासूम लकी पर जा गिरा। मलबे की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हुए लकी और फरहीन बुरी तरह घायल हो गए। छज्जा गिरने से मोहल्ले में भी हड़कंप मच गया। परिजन दोनों को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने लकी को मृत घोषित कर दिया। मासूम बेटे की मौत से घर वालों का रो रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन