{"_id":"5ebc20a68ebc3e90612ff09d","slug":"entrepreneurs-and-businessmen-were-asking-for-exemption-in-gst-bijnor-news-mrt4816486130","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी या दूसरे टैक्स में छूट की आस लगाए थे उद्यमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी या दूसरे टैक्स में छूट की आस लगाए थे उद्यमी
विज्ञापन
उद्यमी और व्यापारी मांग रहे थे जीएसटी में छूट
बिजनौर। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्र सरकार की ओर से अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए 20 लाख करोड़ से जुड़ी योजनाओं के बारे में घोषणाएं की। इन घोषणाओं पर सभी की नजर थी। केंद्र सरकार की घोषणाओं को लेकर उद्यमी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। वे जीएसटी में छूट की सोच रहे थे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला।
उद्योग : वित्तमंत्री ने उद्योगों के लिए सबसे बड़ी घोषणाएं की हैं। वित्तमंत्री ने इन उद्योगों में निवेश की राशि को बढ़ाया है। उद्योगों लगाने के लिए तीन लाख करोड़ का बजट लोन के लिए स्वीकृत किया है। यह ऋण बिना गारंटी के दिया जाएगा। जिले में 4105 सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग संचालित हैं। इसके अलावा जिले में चीनी उद्योग व खांडसारी उद्योग भी चलता है। काष्ठकला उद्यमी जुल्फिकार आलम का कहना है कि आज तक बैंकों ने बिना गारंटी के लोन नहीं दिया है। अगर सरकार बिना गारंटी के लोन दिलाती है तो यह बड़ा कदम होगा। उनके अनुसार सरकार को अगर उद्यमियों को वास्तविक राहत देनी है तो उनकी जीएसटी वापस करे। इससे हर उद्यमी को सीधे सीधे फायदा होगा।
शुगर मिल : वित्त मंत्री ने कर्मचारियों को वेतन देने पर कंपनियों को भी राहत दिया है। 15 हजार तक के वेतन पर दिए जाने वाले ईपीएफ पर सरकार ने अपना हिस्सा 12 से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही कंपनी का हिस्सा 12 प्रतिशत से घटाकर दस प्रतिशत किया है। इससे कंपनी संचालकों को दो प्रतिशत की बचत होगी। बिजनौर चीनी मिल के प्रशासनिक अधिकारी एके सिंह के अनुसार सरकार ने कर्मचारियों के ईपीएफ में राहत दी है लेकिन चीनी मिल उद्योग के लिए कोई एलान नहीं किया है। चीनी मिल उद्योग इस समय मुश्किल के दौर से गुजर रहा है। सरकार को चीनी उद्योग की सीधी तौर पर मदद करनी चाहिए। इससे किसान भी जुड़े हैं।
विज्ञापन
आयकरदाता : सरकार ने आयकर दाताओं को भी छूट दी है। आयकर में टीडीएस टीसीएस में 25 प्रतिशत कटौती का एलान किया है। साथ ही आयकर रिटर्न का समय 30 नवंबर कर दिया है।
व्यापारी नेता मनोज कुच्छल का कहना है कि सरकार ने किसी व्यापारी को कुछ नहीं दिया है। सरकार को जीएसटी में या अन्य टैक्स में छूट देनी चाहिए थी। जिला बिजनौर सरकारी घोषणाओं से अछूता रह गया है। सरकार टीडीएस में जो छूट की बात कह रही है वह तो व्यापारी को खुद ही वापस मिल जाता है।
किसान : वित्तमंत्री की घोषणा से सबसे बड़ी उम्मीद किसानों को भी थी। किसान टकटकी लगाकर वित्तमंत्री की घोषणा को देख रहे थे। किसान घोषणा में खाली हाथ ही रह गए। हालांकि एक दो दिन में किसानों के लिए घोषणा होने की उम्मीद है। रालोद जिलाध्यक्ष राहुल सिंह का कहना है कि कोरोना महामारी में भी किसान खेतों में काम करता रहा और अन्न की समस्या नहीं आने दी। सरकार को पहली बार में ही किसान के लिए घोषणा करनी चाहिए थी। सरकार किसानों के लिए कोई ऐसी घोषणा करे जिससे किसान को सीधा आर्थिक फायदा पहुंचे।
विज्ञापन
बिजनौर। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्र सरकार की ओर से अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए 20 लाख करोड़ से जुड़ी योजनाओं के बारे में घोषणाएं की। इन घोषणाओं पर सभी की नजर थी। केंद्र सरकार की घोषणाओं को लेकर उद्यमी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। वे जीएसटी में छूट की सोच रहे थे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला।
उद्योग : वित्तमंत्री ने उद्योगों के लिए सबसे बड़ी घोषणाएं की हैं। वित्तमंत्री ने इन उद्योगों में निवेश की राशि को बढ़ाया है। उद्योगों लगाने के लिए तीन लाख करोड़ का बजट लोन के लिए स्वीकृत किया है। यह ऋण बिना गारंटी के दिया जाएगा। जिले में 4105 सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग संचालित हैं। इसके अलावा जिले में चीनी उद्योग व खांडसारी उद्योग भी चलता है। काष्ठकला उद्यमी जुल्फिकार आलम का कहना है कि आज तक बैंकों ने बिना गारंटी के लोन नहीं दिया है। अगर सरकार बिना गारंटी के लोन दिलाती है तो यह बड़ा कदम होगा। उनके अनुसार सरकार को अगर उद्यमियों को वास्तविक राहत देनी है तो उनकी जीएसटी वापस करे। इससे हर उद्यमी को सीधे सीधे फायदा होगा।
विज्ञापन
शुगर मिल : वित्त मंत्री ने कर्मचारियों को वेतन देने पर कंपनियों को भी राहत दिया है। 15 हजार तक के वेतन पर दिए जाने वाले ईपीएफ पर सरकार ने अपना हिस्सा 12 से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही कंपनी का हिस्सा 12 प्रतिशत से घटाकर दस प्रतिशत किया है। इससे कंपनी संचालकों को दो प्रतिशत की बचत होगी। बिजनौर चीनी मिल के प्रशासनिक अधिकारी एके सिंह के अनुसार सरकार ने कर्मचारियों के ईपीएफ में राहत दी है लेकिन चीनी मिल उद्योग के लिए कोई एलान नहीं किया है। चीनी मिल उद्योग इस समय मुश्किल के दौर से गुजर रहा है। सरकार को चीनी उद्योग की सीधी तौर पर मदद करनी चाहिए। इससे किसान भी जुड़े हैं।
विज्ञापन
आयकरदाता : सरकार ने आयकर दाताओं को भी छूट दी है। आयकर में टीडीएस टीसीएस में 25 प्रतिशत कटौती का एलान किया है। साथ ही आयकर रिटर्न का समय 30 नवंबर कर दिया है।
व्यापारी नेता मनोज कुच्छल का कहना है कि सरकार ने किसी व्यापारी को कुछ नहीं दिया है। सरकार को जीएसटी में या अन्य टैक्स में छूट देनी चाहिए थी। जिला बिजनौर सरकारी घोषणाओं से अछूता रह गया है। सरकार टीडीएस में जो छूट की बात कह रही है वह तो व्यापारी को खुद ही वापस मिल जाता है।
किसान : वित्तमंत्री की घोषणा से सबसे बड़ी उम्मीद किसानों को भी थी। किसान टकटकी लगाकर वित्तमंत्री की घोषणा को देख रहे थे। किसान घोषणा में खाली हाथ ही रह गए। हालांकि एक दो दिन में किसानों के लिए घोषणा होने की उम्मीद है। रालोद जिलाध्यक्ष राहुल सिंह का कहना है कि कोरोना महामारी में भी किसान खेतों में काम करता रहा और अन्न की समस्या नहीं आने दी। सरकार को पहली बार में ही किसान के लिए घोषणा करनी चाहिए थी। सरकार किसानों के लिए कोई ऐसी घोषणा करे जिससे किसान को सीधा आर्थिक फायदा पहुंचे।