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झालू में साैर ऊर्जा से होगी पानी की आपूर्ति
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 12 May 2017 12:30 AM IST
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बिजनौर में झालू नगर पंचायत ने नागरिकों को निर्बाध जल आपूर्ति के लिए पहल की है। एक नलकूप पर सोलर पैनल लगाकर पानी की निर्बाध आपूर्ति की जाएगी। बिजली आए या न आए, पानी की आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। नगर पंचायत के पुराने कार्यालय के पास बने नलकूप पर यह सोलर पैनल लगाया जाएगा।
भीषण गर्मी में बिजली की अंधाधुंध कटौती कोई नई बात नहीं है। बिजली आपूर्ति का सीधा असर नगर पालिकाओं और पंचायत क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति पर पड़ता है। नागरिकों के खुद के संसाधन भी बिजली की कटौती के कारण फेल हो जाते हैं और परेशानी उठानी पड़ती है। नागरिकों को पेयजल कटौती की समस्या से निजात दिलाने के लिए झालू नगर पंचायत ने पहल की है। नगर पंचायत द्वारा पुराने कार्यालय में बने नलकूप पर 25 किलोवाट का सोलर पैनल लगाया जाएगा। बिजली के बजाए इस सोलर पैनल से ही नलकूप चलाया जाएगा और पानी की आपूर्ति की जाएगी।एक तिहाई होगा खर्च ः सोलर पैनल बिजली बिल से बिजली की खपत कम होने से लाभ होगा। एक अनुमान के अनुमान के मुताबिक 25 साल बाद इस पैनल को लगाने वाला खर्च बिजली बिल के मुकाबले एक तिहाई होगा।
निर्बाध आपूर्ति होगी ः नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी विजेंद्र सिंह पाल के अनुसार एक नलकूप पर सोलर पैनल लगाकर पेयजल आपूर्ति की जाएगी। सोलर एनर्जी की वजह से निर्बाध जल आपूर्ति हो सकेगी।
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पानी की किल्लत से मिलेगी निजात
नगर पंचायत क्षेत्र में पांच नलकूपों से पानी की आपूर्ति होती है। अगर एक नलकूप करीब पूरा दिन सोलर एनर्जी से चले और बाकी बिजली शेड्यूल के अनुसार भी चलें तो पानी की किल्लत नहीं होगी।
30 लाख है कीमत
सोलर पैनल की कीमत करीब 30 लाख रुपये है। दिन में सूरज निकलने के समय करीब 11 घंटे सीधे सोलर पैनल से नलकूप चल सकता है। इसके बाद भी बैटरी में चार्जिंग के जरिए करीब 48 घंटों का बैकअप होता है। इस सोलर पैनल पर 25 साल और बैटरी पर पांच साल की गारंटी होती है।
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भीषण गर्मी में बिजली की अंधाधुंध कटौती कोई नई बात नहीं है। बिजली आपूर्ति का सीधा असर नगर पालिकाओं और पंचायत क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति पर पड़ता है। नागरिकों के खुद के संसाधन भी बिजली की कटौती के कारण फेल हो जाते हैं और परेशानी उठानी पड़ती है। नागरिकों को पेयजल कटौती की समस्या से निजात दिलाने के लिए झालू नगर पंचायत ने पहल की है। नगर पंचायत द्वारा पुराने कार्यालय में बने नलकूप पर 25 किलोवाट का सोलर पैनल लगाया जाएगा। बिजली के बजाए इस सोलर पैनल से ही नलकूप चलाया जाएगा और पानी की आपूर्ति की जाएगी।एक तिहाई होगा खर्च ः सोलर पैनल बिजली बिल से बिजली की खपत कम होने से लाभ होगा। एक अनुमान के अनुमान के मुताबिक 25 साल बाद इस पैनल को लगाने वाला खर्च बिजली बिल के मुकाबले एक तिहाई होगा।
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निर्बाध आपूर्ति होगी ः नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी विजेंद्र सिंह पाल के अनुसार एक नलकूप पर सोलर पैनल लगाकर पेयजल आपूर्ति की जाएगी। सोलर एनर्जी की वजह से निर्बाध जल आपूर्ति हो सकेगी।
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पानी की किल्लत से मिलेगी निजात
नगर पंचायत क्षेत्र में पांच नलकूपों से पानी की आपूर्ति होती है। अगर एक नलकूप करीब पूरा दिन सोलर एनर्जी से चले और बाकी बिजली शेड्यूल के अनुसार भी चलें तो पानी की किल्लत नहीं होगी।
30 लाख है कीमत
सोलर पैनल की कीमत करीब 30 लाख रुपये है। दिन में सूरज निकलने के समय करीब 11 घंटे सीधे सोलर पैनल से नलकूप चल सकता है। इसके बाद भी बैटरी में चार्जिंग के जरिए करीब 48 घंटों का बैकअप होता है। इस सोलर पैनल पर 25 साल और बैटरी पर पांच साल की गारंटी होती है।