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Bijnor News: हथिनी चंचल के पैर में चोट, बर्फ से की जा रही सिकाई
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कालागढ़ की हाथी शाला में बुधवार की शाम चंचल हथिनी को क्रेन से हाथियों के नहाने के कुंड में उतार
मंगलवार रात हाथीशाला में हाथियों की लड़ाई में घायल हो गई थी हथिनी चंचल
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़ (बिजनौर)। कालागढ़ की हाथीशाला की हथिनी चंचल के पैर की बर्फ से सिकाई की जा रही है। हथिनी को हाथी शाला तक लेकर जाना वन विभाग के लिए कठिन कार्य साबित हो रहा है।
कालागढ़ रेंज के जंगल में हाथीशाला के दो हाथियों में लड़ाई के बाद घायल हथनी चंचल का उपचार मंगलवार की शाम से चल रहा है। उसके पैर की बर्फ से सिकाई की जा रही है। वन दरोगा पीसी मठपाल की निगरानी में महावत हथिनी को स्वास्थ्य लाभ दे रहे हैं। वन क्षेत्र अधिकारी नंदकिशोर रूवाली ने बताया कि बुधवार की सुबह हथिनी खड़ी हो गई। चिकित्सक के अनुसार उसके पैर में चोट है। इस कारण से उसे सूखासोत के निकट रखा गा है।
उधर, चोट पहुंचाने वाले हाथी गजराज को हाथीशाला में पहुंचा दिया गया है। हथिनी को हाथीशाला ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था की जा रही है। हाथीशाला से सूखासोत तक की दूरी तक चल पाना हथिनी के लिए कठिन कार्य है।
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क्रेन से उठाकर ले जाया गया
चंचल हथिनी को क्रेन से उठाकर कैंटर वाहन के माध्यम से हाथीशाला लाया गया। इसके बाद हथिनी को नहाने के कुंड में छोड़ा गया। हथिनी को पानी में चला कर देखा जा रहा है। चिकित्सकों का दल कार्बेट टाइगर रिजर्व के चिकित्सक दुष्यंत कुमार शर्मा के साथ मौजूद रहा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़ (बिजनौर)। कालागढ़ की हाथीशाला की हथिनी चंचल के पैर की बर्फ से सिकाई की जा रही है। हथिनी को हाथी शाला तक लेकर जाना वन विभाग के लिए कठिन कार्य साबित हो रहा है।
कालागढ़ रेंज के जंगल में हाथीशाला के दो हाथियों में लड़ाई के बाद घायल हथनी चंचल का उपचार मंगलवार की शाम से चल रहा है। उसके पैर की बर्फ से सिकाई की जा रही है। वन दरोगा पीसी मठपाल की निगरानी में महावत हथिनी को स्वास्थ्य लाभ दे रहे हैं। वन क्षेत्र अधिकारी नंदकिशोर रूवाली ने बताया कि बुधवार की सुबह हथिनी खड़ी हो गई। चिकित्सक के अनुसार उसके पैर में चोट है। इस कारण से उसे सूखासोत के निकट रखा गा है।
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उधर, चोट पहुंचाने वाले हाथी गजराज को हाथीशाला में पहुंचा दिया गया है। हथिनी को हाथीशाला ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था की जा रही है। हाथीशाला से सूखासोत तक की दूरी तक चल पाना हथिनी के लिए कठिन कार्य है।
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क्रेन से उठाकर ले जाया गया
चंचल हथिनी को क्रेन से उठाकर कैंटर वाहन के माध्यम से हाथीशाला लाया गया। इसके बाद हथिनी को नहाने के कुंड में छोड़ा गया। हथिनी को पानी में चला कर देखा जा रहा है। चिकित्सकों का दल कार्बेट टाइगर रिजर्व के चिकित्सक दुष्यंत कुमार शर्मा के साथ मौजूद रहा।