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बत्ती गुल, मीटर चालू और भेज दिया 68 हजार का बिल
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विद्युत निगम पर 17 हजार रुपये का जुर्माना
बिजनौर। कनेक्शन कटा, मीटर पर भी उतर गया, लेकिन बत्ती कागजों में जलती रही। हकीकत में बत्ती गुल रही और 68 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया। बकाया राशि वाला कनेक्शन भी किसी और के नाम पर निकला। उपभोक्ता फोरम में केस आया तो झोल की परतें खुल गईं। कोर्ट ने विद्युत निगम की घोर लापरवाही मानते हुए पीड़ित को 17 हजार रुपये अदा करने का आदेश सुनाया है।
नूरपुर निवासी उस्मान भारती ने साल 2017 में परिवाद दायर किया। जिसमें कहा गया कि वर्ष 2010 में 5795 रुपये का बिल बकाया होने पर उसका कनेक्शन काट दिया गया था। विद्युत कर्मचारी उस समय मीटर भी उतार कर ले गए। इसके बाद साल 2016 में उस पर 68 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया होना बताते हुए डिमांड नोटिस भेज दिया। जिसे लेकर उस्मान भारती ने विद्युत अधिकारियों के चक्कर लगाए, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। इसके बाद उस्मान भारती ने न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दायर किया। सुनवाई के दौरान सामने आया कि जिस कनेक्शन नंबर का बकाया होने का हवाला देते हुए डिमांड नोटिस भेजा जा रहा था, वह कनेक्शन नंबर किसी और का था। जबकि डिमांड नोटिस पर उस्मान भारती का नाम पता लिखकर भेजा गया। मामले की सुनवाई करते हुए आयोग की अध्यक्ष दीपा जैन ने उस्मान भारती बनाम पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के केस में फैसला सुनाया है। जिसमें विवादित डिमांड नोटिस की राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं माना गया। आदेश जारी किए गए कि बिजली विभाग डिमांड नोटिस की वजह से हुई मानसिक पीड़ा की प्रतिपूर्ति के लिए दस हजार और वाद व्यय के सात हजार रुपये वादकारी को 30 दिन के अंदर अदा करेगा।
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बिजनौर। कनेक्शन कटा, मीटर पर भी उतर गया, लेकिन बत्ती कागजों में जलती रही। हकीकत में बत्ती गुल रही और 68 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया। बकाया राशि वाला कनेक्शन भी किसी और के नाम पर निकला। उपभोक्ता फोरम में केस आया तो झोल की परतें खुल गईं। कोर्ट ने विद्युत निगम की घोर लापरवाही मानते हुए पीड़ित को 17 हजार रुपये अदा करने का आदेश सुनाया है।
नूरपुर निवासी उस्मान भारती ने साल 2017 में परिवाद दायर किया। जिसमें कहा गया कि वर्ष 2010 में 5795 रुपये का बिल बकाया होने पर उसका कनेक्शन काट दिया गया था। विद्युत कर्मचारी उस समय मीटर भी उतार कर ले गए। इसके बाद साल 2016 में उस पर 68 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया होना बताते हुए डिमांड नोटिस भेज दिया। जिसे लेकर उस्मान भारती ने विद्युत अधिकारियों के चक्कर लगाए, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। इसके बाद उस्मान भारती ने न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दायर किया। सुनवाई के दौरान सामने आया कि जिस कनेक्शन नंबर का बकाया होने का हवाला देते हुए डिमांड नोटिस भेजा जा रहा था, वह कनेक्शन नंबर किसी और का था। जबकि डिमांड नोटिस पर उस्मान भारती का नाम पता लिखकर भेजा गया। मामले की सुनवाई करते हुए आयोग की अध्यक्ष दीपा जैन ने उस्मान भारती बनाम पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के केस में फैसला सुनाया है। जिसमें विवादित डिमांड नोटिस की राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं माना गया। आदेश जारी किए गए कि बिजली विभाग डिमांड नोटिस की वजह से हुई मानसिक पीड़ा की प्रतिपूर्ति के लिए दस हजार और वाद व्यय के सात हजार रुपये वादकारी को 30 दिन के अंदर अदा करेगा।
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