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ईद रहमतों का त्योहार
अमर उजाला बिजनौर
Updated Tue, 05 Jul 2016 11:26 PM IST
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ईद से पहले रोजा इफ्तार में शिरकत।
- फोटो : अमर उजाला
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ईद-उल-फितर अमन भाई चारे का पैगाम देता है। यह त्योहार खुशियां मनाने का दिन है। जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अनवारूल हक ने कहा कि मुसलमान पूरे रमजान के रोजे रखता है। तरावीह पढ़ता है, व जाने कितने काम जो रमजान के अलावा करता था। अल्लाह ताला भी बेशुमार इनामों से अपने बंदों को ईद के दिन नवाजता है।
हजरत मोहम्मद ने फरमाया कि जब ईद उल फितर की रात होती है। मिसवाक करना, गुसल करना नहाना, अपनी हैसियत के मुताबिक नए कपड़े पहनना, खुशबू लगाना, सुबह सवेरे उठना, ईद की नमाज से पहले कोई मीठी चीज खाना, एक रास्ते से ईदगाह जाना, दूसरे रास्ते से वापस आना, पैदल जाना यह तमाम काम सुन्नत है।
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