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Bijnor News: नेपियर घास खाने से गर्मियों में दुधारू पशुओं का नहीं घटेगा दूध, पशु रहेंगे स्वस्थ
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धामपुर में रखी नेपियर घास की जड़ें। स्रोत पशुपालन विभाग
जिले की 13 अस्थाई गोशालाओं में करीब दो लाख नेपियर घास की जड़ों की होगी बुवाई
धामपुर। पशुपालन विभाग की ओर से गर्मी के दिनों को पशुओं को स्वस्थ रखने और दुधारू पशुओं के दूध पर कोई असर न पड़े। इससे निपटने के लिए विभाग की ओर से जिले की 13 अस्थायी गोशालाओं में नेपियर घास बोने का कार्य शुरू हो गया है। करीब 0.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में करीब 2,04000 नेपियर घास की जड़ों को बोया जाएगा। बताया गया कि घास को एक बार बोने के बाद फिर बोने की जरूरत नहीं होती। कम सिंचाई पर भी बढि़या पैदावार देती है।
पशुपालन विभाग के उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पीएस कोहली ने बताया कि विभाग की ओर से जिले की सभी 13 गोशालाओं में नेपियर घास को लगाने के लिए करीब दो लाख चार हजार जड़ों को मंगाया गया है। इन जड़ों को सभी गोशालाओं में बोया जाएगा। पशुओं को गर्मी के दिनों में हरे चारे की कमी न हो। ऐसा करने को नेपियर घास को लगवाया जा रहा है। इस घास की विशेषता है कि कम सिंचाई होने पर भी यह बढि़या उपजती हैं।
जनपद बिजनौर में कुल 13 गोशालाएं हैं। इनमें गांव खुराहेड़ी, जालवपुर गूदड़, फरजपुर, बुडगरी, बहादुरपुर, तुराबनगर, महमूदपुर बुजुर्ग, मुस्तफापुर तैयब शेरकोट, रामपुर नजराना, जलीलपुर, जाफरपुर ढीकली एवं दरियाबगंज आदि गोशालाएं शामिल हैं। बताया कि 0.02 हेक्टेयर क्षेत्रफल में करीब तीन हजार जड़ें लगती हैं। 13 गोशालाओं में करीब 0.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुवाई होनी है। तो विभाग की ओर से करीब दो लाख चार हजार जड़ों को भेजा गया है।
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- पशुओं के लिए स्वास्थ्य वर्धक है नेपियर घास
डिप्टी सीवीओ धामपुर डाॅ. पीएम कोहली का कहना है कि नेपियर घास पशुओं के लिए स्वास्थ्य वर्धक है। दुधारू पशुओं के लिए बहुत की कामगार है। इस घास को खिलाने से गर्मियों में दुधारू पशुओं की दूध की मात्रा यदि बढ़ती नहीं हैं तो घटती भी नहीं है। पशुओं के अधिक घास खाने से भी पशु के स्वास्थ्य पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ता। पहले गोशालाओं में इसकी बुवाई कराई जा रही है। बाद में किसानों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
- मुस्तफापुर तैयब गोशाला में रोपित होंगी तीन हजार जड़ें
अधिकारियों ने बताया कि धामपुर ब्लॉक क्षेत्र में शेरकोट के निकट मुस्तफापुर तैयब में संचालित माधव गौ सेवा समिति की ओर से गोशाला की खाली पड़ी जमीन में करीब तीन हजार घास की जड़ें लगाई जाएंगी। समिति संचालकों ने बोने की तैयारी शुरू कर दी है। अभी तो घास को गोशाला में लगाया जा रहा है। बाद में इसकी और जड़ें तैयार होने पर अन्य किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा।
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धामपुर। पशुपालन विभाग की ओर से गर्मी के दिनों को पशुओं को स्वस्थ रखने और दुधारू पशुओं के दूध पर कोई असर न पड़े। इससे निपटने के लिए विभाग की ओर से जिले की 13 अस्थायी गोशालाओं में नेपियर घास बोने का कार्य शुरू हो गया है। करीब 0.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में करीब 2,04000 नेपियर घास की जड़ों को बोया जाएगा। बताया गया कि घास को एक बार बोने के बाद फिर बोने की जरूरत नहीं होती। कम सिंचाई पर भी बढि़या पैदावार देती है।
पशुपालन विभाग के उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पीएस कोहली ने बताया कि विभाग की ओर से जिले की सभी 13 गोशालाओं में नेपियर घास को लगाने के लिए करीब दो लाख चार हजार जड़ों को मंगाया गया है। इन जड़ों को सभी गोशालाओं में बोया जाएगा। पशुओं को गर्मी के दिनों में हरे चारे की कमी न हो। ऐसा करने को नेपियर घास को लगवाया जा रहा है। इस घास की विशेषता है कि कम सिंचाई होने पर भी यह बढि़या उपजती हैं।
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जनपद बिजनौर में कुल 13 गोशालाएं हैं। इनमें गांव खुराहेड़ी, जालवपुर गूदड़, फरजपुर, बुडगरी, बहादुरपुर, तुराबनगर, महमूदपुर बुजुर्ग, मुस्तफापुर तैयब शेरकोट, रामपुर नजराना, जलीलपुर, जाफरपुर ढीकली एवं दरियाबगंज आदि गोशालाएं शामिल हैं। बताया कि 0.02 हेक्टेयर क्षेत्रफल में करीब तीन हजार जड़ें लगती हैं। 13 गोशालाओं में करीब 0.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुवाई होनी है। तो विभाग की ओर से करीब दो लाख चार हजार जड़ों को भेजा गया है।
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- पशुओं के लिए स्वास्थ्य वर्धक है नेपियर घास
डिप्टी सीवीओ धामपुर डाॅ. पीएम कोहली का कहना है कि नेपियर घास पशुओं के लिए स्वास्थ्य वर्धक है। दुधारू पशुओं के लिए बहुत की कामगार है। इस घास को खिलाने से गर्मियों में दुधारू पशुओं की दूध की मात्रा यदि बढ़ती नहीं हैं तो घटती भी नहीं है। पशुओं के अधिक घास खाने से भी पशु के स्वास्थ्य पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ता। पहले गोशालाओं में इसकी बुवाई कराई जा रही है। बाद में किसानों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
- मुस्तफापुर तैयब गोशाला में रोपित होंगी तीन हजार जड़ें
अधिकारियों ने बताया कि धामपुर ब्लॉक क्षेत्र में शेरकोट के निकट मुस्तफापुर तैयब में संचालित माधव गौ सेवा समिति की ओर से गोशाला की खाली पड़ी जमीन में करीब तीन हजार घास की जड़ें लगाई जाएंगी। समिति संचालकों ने बोने की तैयारी शुरू कर दी है। अभी तो घास को गोशाला में लगाया जा रहा है। बाद में इसकी और जड़ें तैयार होने पर अन्य किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा।