फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Dragon fruit: Plant once and bear fruit for 25 years

सरकारी नौकरी से रिटायर होकर शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती

Mon, 23 Aug 2021 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 23 Aug 2021 12:09 AM IST
विज्ञापन
Dragon fruit: Plant once and bear fruit for 25 years
बिजनौर के ग्राम गजरौला अचपल में ड्रैगन फ्रूट की खेती के बारे में जानकारी देते जग भूषण सिंह। - फोटो : BIJNOR
मोहम्मद यूनुस
विज्ञापन

गजरौला शिव। सरकारी सेवा से सेवानिवृत होने के बाद गजरौला अचपल निवासी जग भूषण सिंह ने खेती की नई राह किसानों को दिखाई है। उन्होंने ड्रैगन फ्रूट (पिताया) की खेती शुरू की और अब अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। एक बार पौध लगाने पर 25 साल तक फल लगते हैं, जो 25-30 दिन के भीतर पक जाते हैं।
जग भूषण सिंह आरईएस विभाग में वरिष्ठ लिपिक के पद पर तैनात थे। उनकी सोच थी कि वह नई चीज की खेती करेंगे, वह भी ऐसी जो आज तक जिले में किसी ने नहीं की हो। उन्होंने ड्रैगन फ्रूट की खेती करने के लिए उन्होंने इसकी जानकारी जुटानी शुरू की। वह गुजरात गए, वहां से 600 पौधे लेकर आए। एक पौधे की कीमत 70 रुपये थी । उन्होंने डेढ़ बीघा खेती जमीन में यह खेती करनी शुरू की। जैसे-जैसे धीरे-धीरे पौधे बढ़ते गए, उन्होंने सीमेंट के बने पिलर खेत में लगाकर उनके ऊपर रबड़ के टायर बांध दिए, जिससे ड्रैगन फ्रूट की बेल नीचे न फैले। धीरे-धीरे बेल बड़ी होती गई और उनकी बेल सीमेंट के लगे पिलर पर फैलनी शुरू हो गई। लगभग दो वर्ष बाद उनके ऊपर फूल आता गया और फल बनता गया। 25 से 30 दिन के भीतर यह फल पक जाता है। एक फल का वजन 300 से 400 ग्राम तक होता है। एक बार लगाए जाने पर यह 25 साल तक फल देते हैं। दो से तीन वर्ष में बेल भरपूर फसल देने लगती है। फल मंडी में फल वालों की दुकानों पर सैंपल के तौर पर गजरौला अचपल में उगाए गए फल देखने को मिल रहे हैं। बाजार में एक ड्रैगन पीस फ्रूट का रेट 80 से 100 रुपये तक है। यह फल एक पिलर पर 10 किलो से 12 किलो तक आता है। यह खाने में मीठा होता है अंदर से यह कीवी जैसा दानेदार निकलता है । इसकी खेती के लिए पानी की बहुत कम आवश्यकता होती है।
विज्ञापन

बीमारियों से करता है बचाव
यह फल डेंगू, बुखार, कैंसर, ब्लड शुगर आदि बीमारियों में काम आता है। इसमें फाइबर अधिक मात्रा में होता है। यह वर्ष में दो बार फल देता है। इसे फासले से लगाया जाता है। इसके अंदर किसान चारे व अन्य फसल भी उगाते हैं। यह विदेशी फल है। देखने में काफी सुंदर लगता है और स्वाद में मीठा होता है। ड्रैगन फ्रूट को हिंदी में पिताया के नाम से जाना जाता है। ड्रैगन फ्रूट एक बार बुवाई में 25 वर्ष तक फल देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरसी अस्पताल की डीएनबी नैफरोलॉजी विशेषज्ञ डा. नेहा जैन ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट खाने से कोलेस्ट्रॉल के लिए अच्छा होता है, यह इम्युनिटी बढ़ाता है, कैंसर से बचाव, ब्लड शुगर के लिए भी लाभदायक होता है। यह डाइजेशन में सुधार लाता है, डेंगू, बुखार में भी काम आता है। इसकी खेती के लिए कम पानी की आवश्यकता होती है। यह तीन तरह का फल होता है, सफेद, गुलाबी व लाल रंग का होता है। यह देखने में बहुत सुंदर होता है। यह जून से सितंबर व मार्च से अप्रैल तक फल देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed