फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Dolphin kinba in ganga

गंगा में बढ़ा डॉल्फिन का कुनबा

Mon, 16 Oct 2017 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Mon, 16 Oct 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन
Dolphin kinba in ganga
बिजनौर में गंगा में दिखी डॉल्फिन। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में पतित पावनी मां गंगा की धारा में इस बार डॉल्फिन का कुनबा बढ़ गया है। डॉल्फिन की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। पिछले साल डॉल्फिन की संख्या 30 थी। इस बार सर्च अभियान में बिजनौर में दो बच्चे भी मिले हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ व उत्तर प्रदेश वन विभाग के अधिकारी भी गदगद हैं। 
विज्ञापन


गंगा में डॉल्फिन की संख्या पता लगाने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ(वर्ल्ड वाइल्ड फंड) व उत्तर प्रदेश वन विभाग द्वारा ‘मेरी गंगा, मेरी सूंस’ के अंतर्गत संयुक्त अभियान चलाया गया। अभियान बिजनौर के बालावाली गंगा घाट से नरौरा बैराज तक चलाया गया था। अभियान में टीम को पिछले साल 30 डॉल्फिन मिली थीं। इस बार भी टीम द्वारा गंगा बैराज में अभियान चलाया गया। डब्ल्यूडब्ल्यूफ के परियोजना अधिकारी संजीव यादव व सीनियर प्रोजेक्ट ऑफिसर मोहम्मद शाहनवाज खान के निर्देशन में हुए डॉल्फिन की गणना में इस बार 32 डॉल्फिन मिली हैं, जिसमें दो शावक भी हैं। इनकी आयु करीब एक साल होने का अनुमान है।
विज्ञापन


 बिजनौर क्षेत्र में गणना में पहली बार टीम को डॉल्फिन के शावक मिले हैं। टीम में बुलंदशहर में चले आखिरी अभियान में डीएफओ बुलंशहर वीके जैन, रेंजर योगेश कुमार भी शामिल रहे। डीएफओ अनुज सक्सेना, कमल किशोर, दयानंद गौतम आदि मौजूद रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

तरंगों से करती हैं शिकार 

बिजनौर। गंगा में पाई जाने वाली डॉल्फिन को गेंगेटिक रीवर डॉल्फिन कहते हैं। यह समंदर में मिलने वाली डॉल्फिन से अलग होती हैं। गेंगेटिक रीवर डॉल्फिन अंधी होती हैं। 
ये गंगा में मछलियां खाती हैं और शरीर से निकलने वाली तरंगों से शिकार को पकड़ती हैं। मादा डॉल्फिन की लंबाई पौने दो मीटर तक होती है। नर डॉल्फिन मादा से छोटा होता है। 

सामाजिक प्राणी हैं डॉल्फिन 
बिजनौर। गेंगेटिक रीवर डॉल्फिन सामाजिक प्राणी होती हैं। यह कभी कभी नाव या पानी में तैरने वाले मनुष्यों पास आकर उनके साथ तैरने लगती हैं। यह आक्रामक प्रवृत्ति की नहीं होती हैं और मनुष्य पर हमला नहीं करती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed