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सोगवारों ने सीनाजनीं कर इमाम हुसैन की शहादत को याद किया
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Mon, 10 Oct 2016 04:19 PM IST
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बिजनौर में मोहर्रम पर जुलूस अलम निकालते सोगवार।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में मोहर्रम की सातवीं मजलिस पर सोगवारों ने सीनाजनीं कर इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद किया।
मोहल्ला बुखारा स्थित इमामबाड़ा पर आयोजित मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना कमाल ताहिर ने कहा कि कर्बला में भाई-बहन की मोहब्बत जैसी मिसाल और कहीं नहीं है। कहा कि जैनब अपने भाई इमाम हुसैन से बेपनाह मोहब्बत करती थीं। इमाम हुसैन की शहादत के बाद जैनब ने अपने भाई के मिशन को अंजाम तक पहुंचाया। जैनब ने अपने दोनों बेटे ओन और मोहम्मद को भी अपने भाई के मकसद के लिए कुर्बान कर दिया। नोहा ख्वानी कामरान, सलमान, परवेज, लख्ते हसन, मोहम्मद साजिद, जफर अब्बास ने की।
जुलूस में हसन आबिद, फिरदौस रजा, रूहुल हसनैन, तनवीर रजा, मोहसिफ हसन आदि मौजूद रहे। गांव जंदरपुर में आयोजित मजलिस में मौलाना नकी हैदर ने कहा कि इमाम हुसैन इंसानियत को बचाने के लिए कुर्बान हुए।
नगीना। मोहर्रम की सातवीं तारीख को हजरत अब्बास की याद में निकले अलम के जुलूस में शिया समुदाय के लोगों ने नोहाख्वानी व सीनाजनीं की। अलम का जुलूस दोपहर तीन बजे किला बारगाह इमामबाड़ा से शुरू हुआ।देर रात दारुल शिफा पहुंचकर संपन्न होगा। दिल्ली से आए शमशाद, महराज ने नोहा ख्वानी, मुराद हुसैन, राहत हैदर, आलमगीर काजमी, मुस्तफा, सैफ जाफरी के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों व युवाओं ने सीनाजनीं की। लखनऊ के मौलाना रजा हुसैन ने अमन चैन और भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
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कोतवाली देहात। मातमी जुलूस इमामबारगाह से रविवार को शुरू हुआ। जुलूस मे छोटे छोटे बच्चो ने भी छुरियों से मातम किया।
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मोहल्ला बुखारा स्थित इमामबाड़ा पर आयोजित मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना कमाल ताहिर ने कहा कि कर्बला में भाई-बहन की मोहब्बत जैसी मिसाल और कहीं नहीं है। कहा कि जैनब अपने भाई इमाम हुसैन से बेपनाह मोहब्बत करती थीं। इमाम हुसैन की शहादत के बाद जैनब ने अपने भाई के मिशन को अंजाम तक पहुंचाया। जैनब ने अपने दोनों बेटे ओन और मोहम्मद को भी अपने भाई के मकसद के लिए कुर्बान कर दिया। नोहा ख्वानी कामरान, सलमान, परवेज, लख्ते हसन, मोहम्मद साजिद, जफर अब्बास ने की।
जुलूस में हसन आबिद, फिरदौस रजा, रूहुल हसनैन, तनवीर रजा, मोहसिफ हसन आदि मौजूद रहे। गांव जंदरपुर में आयोजित मजलिस में मौलाना नकी हैदर ने कहा कि इमाम हुसैन इंसानियत को बचाने के लिए कुर्बान हुए।
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नगीना। मोहर्रम की सातवीं तारीख को हजरत अब्बास की याद में निकले अलम के जुलूस में शिया समुदाय के लोगों ने नोहाख्वानी व सीनाजनीं की। अलम का जुलूस दोपहर तीन बजे किला बारगाह इमामबाड़ा से शुरू हुआ।देर रात दारुल शिफा पहुंचकर संपन्न होगा। दिल्ली से आए शमशाद, महराज ने नोहा ख्वानी, मुराद हुसैन, राहत हैदर, आलमगीर काजमी, मुस्तफा, सैफ जाफरी के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों व युवाओं ने सीनाजनीं की। लखनऊ के मौलाना रजा हुसैन ने अमन चैन और भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
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कोतवाली देहात। मातमी जुलूस इमामबारगाह से रविवार को शुरू हुआ। जुलूस मे छोटे छोटे बच्चो ने भी छुरियों से मातम किया।