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सवालों से जूझ रहे जिले के शिक्षक
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सवालों से जूझ रहे जिले के शिक्षक
बिजनौर। व्हाट्सएप के सहारे शिक्षा की कायाकल्प करने से शिक्षक परेशान हैं। शासन ने शिक्षकों को 600 पेज के मॉडल व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराए हैं। अब इन मॉडल में शिक्षक सवालों से जूझ रहे हैं। मॉडल को पढ़ना नाकाम साबित हो रहा है। शिक्षकों ने बिना प्रशिक्षण के मॉडल भेजे जाने का विरोध किया है।
वर्तमान में देश कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने मोबाइल पर ही छह शिक्षकों से कायाकल्प का काम शुरू कर दिया, शिक्षक को शिक्षण कार्य के लिए करीब 600 पेज के मॉडल व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराए गए हैं। जिसमें एक मॉडल ध्यानाकर्षण, दूसरा आधारशिला और तीसरा शिक्षण संग्रह है। मॉडल के सभी पेज शिक्षकों के व्हाट्सएप पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। ताकि शिक्षक मॉडल को पढ़कर लर्निंग लेवल बढ़ाने स्कूलों में बच्चों को गतिविधियां कराने व शिक्षण संग्रह के माध्यम से पाठ योजना तैयार करने की तैयारी अभी से कर लें। जबकि इस कार्य के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाना था तथा मॉडल की प्रतियां भी उपलब्ध कराई जानी थीं। शिक्षा विभाग की मानें तो मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया है। यह कार्य मार्च तक पूरा होना था। पर शिक्षकों को इस बारे में कोई अभी तक प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। शिक्षकों पर यह तीनों मॉडल व्हाट्सएप पर उपलब्ध करा कर उनसे तैयारी करने के कहा गया है। इसके लिए शासन से भी प्रतिदिन शिक्षकों के मोबाइल पर कॉल कर मॉडल प्राप्त करने तथा तैयारी करने की जानकारी लेनी शुरू भी कर दी गई है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि शासन का यह आदेश बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षकों को मॉडल के प्रिंट की पुस्तिका उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
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बिजनौर। व्हाट्सएप के सहारे शिक्षा की कायाकल्प करने से शिक्षक परेशान हैं। शासन ने शिक्षकों को 600 पेज के मॉडल व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराए हैं। अब इन मॉडल में शिक्षक सवालों से जूझ रहे हैं। मॉडल को पढ़ना नाकाम साबित हो रहा है। शिक्षकों ने बिना प्रशिक्षण के मॉडल भेजे जाने का विरोध किया है।
वर्तमान में देश कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने मोबाइल पर ही छह शिक्षकों से कायाकल्प का काम शुरू कर दिया, शिक्षक को शिक्षण कार्य के लिए करीब 600 पेज के मॉडल व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराए गए हैं। जिसमें एक मॉडल ध्यानाकर्षण, दूसरा आधारशिला और तीसरा शिक्षण संग्रह है। मॉडल के सभी पेज शिक्षकों के व्हाट्सएप पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। ताकि शिक्षक मॉडल को पढ़कर लर्निंग लेवल बढ़ाने स्कूलों में बच्चों को गतिविधियां कराने व शिक्षण संग्रह के माध्यम से पाठ योजना तैयार करने की तैयारी अभी से कर लें। जबकि इस कार्य के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाना था तथा मॉडल की प्रतियां भी उपलब्ध कराई जानी थीं। शिक्षा विभाग की मानें तो मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया है। यह कार्य मार्च तक पूरा होना था। पर शिक्षकों को इस बारे में कोई अभी तक प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। शिक्षकों पर यह तीनों मॉडल व्हाट्सएप पर उपलब्ध करा कर उनसे तैयारी करने के कहा गया है। इसके लिए शासन से भी प्रतिदिन शिक्षकों के मोबाइल पर कॉल कर मॉडल प्राप्त करने तथा तैयारी करने की जानकारी लेनी शुरू भी कर दी गई है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि शासन का यह आदेश बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षकों को मॉडल के प्रिंट की पुस्तिका उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
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