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जिला समाज कल्याण अधिकारी पर जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Dec 2016 12:12 AM IST
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बिजनौर में राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने वादी को सूचना उपलब्ध न कराने का दोषी मानते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी पर जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना 250 रुपये प्रतिदिन देय होगा।
बिजनौर निवासी यशोधर डबराल का पुत्र शशांक डबराल वर्ष 2012 से 2015 तक नार्थ इंडिया इस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का छात्र था। यशोधर डबराल ने अपने पुत्र के इस अवधि में दी गई छात्रवृत्ति शुल्क के बारे में जिला समाज कल्याण अधिकारी बिजनौर से आवश्यक जानकारी मांगी थी। राज्य सूचना आयुक्त ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को मांगी हुई सूचनाएं देने का आदेश दिया था। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने न तो वादी का सूचना उपलब्ध कराई और न ही आयोग के समक्ष उपस्थित हुए। आयुक्त ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को सूचना उपलब्ध नहीं कराने का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध 250 रुपये प्रतिदिन के लिहाज से अर्थदंड अधिरोपित किया है, जो रुपये दस हजार है। आयुक्त ने डीएम को निर्देशित किया है कि वह वादी यशोधर डबराल को तीस दिन के अंदर सूचना उपलब्ध कराते हुए आयोग को अवगत कराएं।
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बिजनौर निवासी यशोधर डबराल का पुत्र शशांक डबराल वर्ष 2012 से 2015 तक नार्थ इंडिया इस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का छात्र था। यशोधर डबराल ने अपने पुत्र के इस अवधि में दी गई छात्रवृत्ति शुल्क के बारे में जिला समाज कल्याण अधिकारी बिजनौर से आवश्यक जानकारी मांगी थी। राज्य सूचना आयुक्त ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को मांगी हुई सूचनाएं देने का आदेश दिया था। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने न तो वादी का सूचना उपलब्ध कराई और न ही आयोग के समक्ष उपस्थित हुए। आयुक्त ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को सूचना उपलब्ध नहीं कराने का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध 250 रुपये प्रतिदिन के लिहाज से अर्थदंड अधिरोपित किया है, जो रुपये दस हजार है। आयुक्त ने डीएम को निर्देशित किया है कि वह वादी यशोधर डबराल को तीस दिन के अंदर सूचना उपलब्ध कराते हुए आयोग को अवगत कराएं।
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