{"_id":"63728881b2b61246b60bc5c2","slug":"district-at-23rd-place-in-making-ayushman-card-bijnor-news-mrt613635433","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुष्मान कार्ड बनाने में 23वें स्थान पर जिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुष्मान कार्ड बनाने में 23वें स्थान पर जिला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आयुष्मान कार्ड बनाने में 23वें स्थान पर जिला
बिजनौर। आयुष्मान लिस्ट और आधार कार्ड में नाम गलत होने से लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है। कार्ड नहीं बनने से लाभार्थी सीएमओ ऑफिस के चक्कर लगा रहे हैं। यह समस्या 100 लाभार्थियों में से 25 के साथ आ रही है। लिस्ट में नाम होते हुए भी लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है।
आयुष्मान का लाभ 2011 के जनगणना के अनुसार मिल रहा है। जनगणना के आधार पर ही लाभार्थियों की लिस्ट तैयार हुई। इस लिस्ट में लाभार्थी का नाम है, लेकिन आधार कार्ड और लिस्ट के नाम में अंतर होने से आयुष्मान कार्ड निरस्त हो रहा है। लगातार यह समस्या बनी हुई है। जिन लाभार्थियों का लिस्ट और आधार कार्ड में नाम गलत हो रहा है, स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक उनका आयुष्मान कार्ड नहीं बनेगा। क्योंकि लिस्ट में नाम को ठीक नहीं किया जा सकता है। आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में बिजनौर 23वें स्थान पर है। जबकि लाभ देने के मामले में प्रदेश में बिजनौर का 11वां स्थान है।
5,22,921 लोगों के बने आयुष्मान कार्ड
जिले में 13,44,487 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि अभी 5,22,921 लोगों के ही आयुष्मान कार्ड बने हैं। इसके अलावा 59,584 लोगों का आयुष्मान कार्ड से इलाज हुआ है। इस समय जिला अस्पताल, जनसेवा केंद्र और प्रधान सहायक आयुष्मान कार्ड बना रहे हैं। अक्तूबर माह से ही नई पहल शुरू की गई है। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए 844 प्रधान सहायकों की आईडी बनाई गई है। अब प्रधान सहायक गांव में ही आयुष्मान कार्ड बनाएंगे। मगर अभी तक प्रधान सहायकों ने कुल 600 आयुष्मान कार्ड बनाएं हैं। जबकि 844 प्रधान सहायकों की आईडी बनी है।
विज्ञापन
लाभार्थियों के नाम लिस्ट और आधार कार्ड में अलग होने से समस्या आ रही है। 25 फीसदी लोगों के इसी वजह से कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए प्रधान सहायकों से भी कहा जा रहा है - डॉ. नताशा सिंह, जिला कार्यक्रम समंवयक
विज्ञापन
बिजनौर। आयुष्मान लिस्ट और आधार कार्ड में नाम गलत होने से लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है। कार्ड नहीं बनने से लाभार्थी सीएमओ ऑफिस के चक्कर लगा रहे हैं। यह समस्या 100 लाभार्थियों में से 25 के साथ आ रही है। लिस्ट में नाम होते हुए भी लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है।
आयुष्मान का लाभ 2011 के जनगणना के अनुसार मिल रहा है। जनगणना के आधार पर ही लाभार्थियों की लिस्ट तैयार हुई। इस लिस्ट में लाभार्थी का नाम है, लेकिन आधार कार्ड और लिस्ट के नाम में अंतर होने से आयुष्मान कार्ड निरस्त हो रहा है। लगातार यह समस्या बनी हुई है। जिन लाभार्थियों का लिस्ट और आधार कार्ड में नाम गलत हो रहा है, स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक उनका आयुष्मान कार्ड नहीं बनेगा। क्योंकि लिस्ट में नाम को ठीक नहीं किया जा सकता है। आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में बिजनौर 23वें स्थान पर है। जबकि लाभ देने के मामले में प्रदेश में बिजनौर का 11वां स्थान है।
विज्ञापन
5,22,921 लोगों के बने आयुष्मान कार्ड
जिले में 13,44,487 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि अभी 5,22,921 लोगों के ही आयुष्मान कार्ड बने हैं। इसके अलावा 59,584 लोगों का आयुष्मान कार्ड से इलाज हुआ है। इस समय जिला अस्पताल, जनसेवा केंद्र और प्रधान सहायक आयुष्मान कार्ड बना रहे हैं। अक्तूबर माह से ही नई पहल शुरू की गई है। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए 844 प्रधान सहायकों की आईडी बनाई गई है। अब प्रधान सहायक गांव में ही आयुष्मान कार्ड बनाएंगे। मगर अभी तक प्रधान सहायकों ने कुल 600 आयुष्मान कार्ड बनाएं हैं। जबकि 844 प्रधान सहायकों की आईडी बनी है।
विज्ञापन
लाभार्थियों के नाम लिस्ट और आधार कार्ड में अलग होने से समस्या आ रही है। 25 फीसदी लोगों के इसी वजह से कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए प्रधान सहायकों से भी कहा जा रहा है - डॉ. नताशा सिंह, जिला कार्यक्रम समंवयक