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आपत्तियों का अंबार बना मुसीबत
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पंचायत चुनाव पर आईं आपत्तियों का निस्तारण शुरू
बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर आई आपत्तियों का निस्तारण शुरू हो गया है। इस बार आपत्तियां काफी संख्या में हैं। एक सीट पर एक से अधिक लोगों द्वारा आपत्ति देने के कारण आपत्तियों को छांटने में कठिनाई हो रही है। अधिकारियों के अनुसार आपत्तियों का निस्तारण 25 मार्च तक होना है। प्रधान पदों पर आपत्तियां देने वाले बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।
डीएम रमाकांत पांडेय की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय समिति ने 24 मार्च से आपत्तियों का निस्तारण शुरू कर दिया है। इस बार कुल 836 आपत्ति आई हैं। अकेले प्रधान पदों पर सबसे अधिक 749 आपत्ति हैं। स्थिति ये है कि प्रधान पद की एक सीट पर तीन से चार लोगों ने आरक्षण बदलने के लिए एक ही कारण दिया है। आपत्ति की ब्लॉक और पंचायत वार छंटनी हो रही है। डीपीआरओ दफ्तर से मिली जानकारी के अनुसार शाम तक अधिकारी व कर्मचारी आपत्तियों को अलग-अलग करने में लगे हैं। इस बार एससी की बदली सीटों पर अधिक आपत्तियां हैं। अनेक सीट को अनारक्षित करने की मांग की गई है। प्रधान पद पर आपत्तियां दर्ज कराने वाले सुबह से ही विकास भवन में जमे रहे। एडीपीआरओ संदीप अग्रवाल ने बताया कि काम अधिक है, 25 मार्च तक आपत्तियों का निस्तारण पूर्ण होना है। इसलिए बुधवार रात दस बजे तक निस्तारण का काम चलेगा। हर आपत्ति पर की गई कार्रवाई के साथ निस्तारण का नियम भी अंकित करना होता है। प्रधान के बाद जिला पंचायत सदस्य पद की आपत्तियों की संख्या अधिक है।
प्रचार में नहीं जाएंगे पांच से अधिक लोग
बिजनौर। राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव की नामांकन से लेकर मतगणना तक की गाइडलाइन जारी की है। आयोग कोरोना को लेकर सख्त है। मतदान केंद्रों पर मतदान के समय आयोग की कड़ी निगाह रहेगी। इतना ही नहीं आयोग ने दावेदारों के लिए वोट मांगने व प्रचार प्रसार के गाइडलाइन तय कर दी है। इसके अनुसार दावेदार जब घर घर वोट मांगने जाएंगे तो उसके साथ अधिकतम पांच लोग ही होंगे। सभी को मास्क लगाना अनिवार्य है। नुक्कड़ सभा में सामाजिक दूरी का पालन करना होगा। कहा गया है कि दावेदारों के प्रचार प्रसार पर निगाह रखने के लिए जिला व ब्लॉक स्तर पर निगरानी सैल होगा। शिकायत मिलने पर जांच होगी, मामला सही मिलने पर आरोपी दावेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर आई आपत्तियों का निस्तारण शुरू हो गया है। इस बार आपत्तियां काफी संख्या में हैं। एक सीट पर एक से अधिक लोगों द्वारा आपत्ति देने के कारण आपत्तियों को छांटने में कठिनाई हो रही है। अधिकारियों के अनुसार आपत्तियों का निस्तारण 25 मार्च तक होना है। प्रधान पदों पर आपत्तियां देने वाले बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।
डीएम रमाकांत पांडेय की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय समिति ने 24 मार्च से आपत्तियों का निस्तारण शुरू कर दिया है। इस बार कुल 836 आपत्ति आई हैं। अकेले प्रधान पदों पर सबसे अधिक 749 आपत्ति हैं। स्थिति ये है कि प्रधान पद की एक सीट पर तीन से चार लोगों ने आरक्षण बदलने के लिए एक ही कारण दिया है। आपत्ति की ब्लॉक और पंचायत वार छंटनी हो रही है। डीपीआरओ दफ्तर से मिली जानकारी के अनुसार शाम तक अधिकारी व कर्मचारी आपत्तियों को अलग-अलग करने में लगे हैं। इस बार एससी की बदली सीटों पर अधिक आपत्तियां हैं। अनेक सीट को अनारक्षित करने की मांग की गई है। प्रधान पद पर आपत्तियां दर्ज कराने वाले सुबह से ही विकास भवन में जमे रहे। एडीपीआरओ संदीप अग्रवाल ने बताया कि काम अधिक है, 25 मार्च तक आपत्तियों का निस्तारण पूर्ण होना है। इसलिए बुधवार रात दस बजे तक निस्तारण का काम चलेगा। हर आपत्ति पर की गई कार्रवाई के साथ निस्तारण का नियम भी अंकित करना होता है। प्रधान के बाद जिला पंचायत सदस्य पद की आपत्तियों की संख्या अधिक है।
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प्रचार में नहीं जाएंगे पांच से अधिक लोग
बिजनौर। राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव की नामांकन से लेकर मतगणना तक की गाइडलाइन जारी की है। आयोग कोरोना को लेकर सख्त है। मतदान केंद्रों पर मतदान के समय आयोग की कड़ी निगाह रहेगी। इतना ही नहीं आयोग ने दावेदारों के लिए वोट मांगने व प्रचार प्रसार के गाइडलाइन तय कर दी है। इसके अनुसार दावेदार जब घर घर वोट मांगने जाएंगे तो उसके साथ अधिकतम पांच लोग ही होंगे। सभी को मास्क लगाना अनिवार्य है। नुक्कड़ सभा में सामाजिक दूरी का पालन करना होगा। कहा गया है कि दावेदारों के प्रचार प्रसार पर निगाह रखने के लिए जिला व ब्लॉक स्तर पर निगरानी सैल होगा। शिकायत मिलने पर जांच होगी, मामला सही मिलने पर आरोपी दावेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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