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किसानों का हुआ मोह भंग
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 18 Oct 2017 11:04 PM IST
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किसान दिवस को संबोधित करते सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में किसान दिवस फ्लाप रहा। मात्र नौ दस किसान आए। किसी ने कोई समस्या नहीं रखी। जो किसान आए वे भी आपस में गपशप करके घरों को बैरंग चले गए। भाकियू के प्रदेश सचिव और निवर्तमान जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह के अनुसार जब तक अधिकारियों के किसान विरोधी रवैये में बदलाव नहीं आता है और शिकायतों के समय से निपटारे का आश्वासन नहीं मिलता है किसान दिवस में नहीं आएंगे।
बुधवार को सीडीओ, उपनिदेशक कृषि , जिला कृषि अधिकारी अधिशासी अभियंता विद्युत, आदि अन्य विभागों के अधिकारी किसान दिवस में समय से आ गए थे। परंतु किसान दिवस में किसान नहीं आए। मात्र नौ दस किसान ही आए। अधिकारी बार बार किसानों से समस्या रखने को कह रहे थे, लेकिन कोई समस्या या सुझाव नहीं दिया गया।
एक घंटे तक किसान और अधिकारी आपस में बात करते रहे। इसके बाद दोनों पक्ष उठकर चले गए। भाकियू के प्रदेश सचिव रामऔतार सिंह के अनुसार किसान दिवस महज औपचारिक बनकर रह गया है। अधिकारी किसान दिवस में नहीं आते हैं। चौधरी सुरपाल सिंह, होशियार सिंह, संदीप त्यागी, जितेंद्र, महावी आदि मौजूद थे।
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बुधवार को सीडीओ, उपनिदेशक कृषि , जिला कृषि अधिकारी अधिशासी अभियंता विद्युत, आदि अन्य विभागों के अधिकारी किसान दिवस में समय से आ गए थे। परंतु किसान दिवस में किसान नहीं आए। मात्र नौ दस किसान ही आए। अधिकारी बार बार किसानों से समस्या रखने को कह रहे थे, लेकिन कोई समस्या या सुझाव नहीं दिया गया।
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एक घंटे तक किसान और अधिकारी आपस में बात करते रहे। इसके बाद दोनों पक्ष उठकर चले गए। भाकियू के प्रदेश सचिव रामऔतार सिंह के अनुसार किसान दिवस महज औपचारिक बनकर रह गया है। अधिकारी किसान दिवस में नहीं आते हैं। चौधरी सुरपाल सिंह, होशियार सिंह, संदीप त्यागी, जितेंद्र, महावी आदि मौजूद थे।
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