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डिटिजल साक्षरता अभियान : नाम बताओ, नहीं तो कर देंगे ब्लैक लिस्ट

Fri, 01 Oct 2021 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 01 Oct 2021 12:09 AM IST
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Digital Literacy Campaign: Tell the name, otherwise you will blacklist
डिटिजल साक्षरता अभियान : नाम बताओ, नहीं तो कर देंगे ब्लैक लिस्ट
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बिजनौर। जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण डिटिजल साक्षरता अभियान में सरकार की ओर से गठित कमेटी और प्रशिक्षण कराने वाली संस्था सीएससी ई-गर्वनेंस के बीच खींचतान बढ़ती आ रही है। प्रशासन की ओर से सात नोटिस भेजने के बावजूद संस्था कमेटी को लाभार्थियों के नाम उपलब्ध नहीं करा रही है। वहीं, आठवें नोटिस को कमेटी ने अंतिम चेतावनी कहकर जारी किया है। इसमें साफ चेतावनी दी गई है कि यदि इस नोटिस पर डाटा न मिला तो संस्था जिले में ब्लैक लिस्ट करने के साथ-साथ मुकदमा भी दर्ज करा दिया जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से गांवों में डिटिजल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण डिटिजल साक्षरता अभियान (पीएमजीदिशा) शुरू किया गया था। जिले की बात कें तो यहां पर सीएससी ई गवर्नेंस संस्था को ग्रामीणों को डिटिजल साक्षर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसकी निगरानी और योजना में आने वाली समस्याओं के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बनाई गई। इस कमेटी में शिक्षा विभाग, महिला कल्याण एवं बाल विकास, राज्य क्रियान्वयन इकाई, जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी, जिला सूचना अधिकारी एनआईसी, खंड विकास अधिकारी, मुख्य कार्यपालक अधिकारी जिला पंचायत, जिला समन्वयक सीएससी-एसपीवी के अधिकारियों को सदस्य बनाया गया। शुरूआत में संस्था ने इस कमेटी के साथ बैठक की, लेकिन इसके बाद कोई समन्वय नहीं हुआ।
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अब संस्था ने किन ग्रामीणों को साक्षर किया, इसका पता लगाने के लिए संस्था ने उन्हें नाम ही नहीं दिए। वहीं, कमेटी की ओर से अब तक सात नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब आठवें नोटिस में अंतिम चेतावनी जारी की गई है। सीडीओ केपी सिंह की ओर से जारी इस नोटिस में कहा गया है कि यदि संस्था लाभार्थियों की सूची उपलब्ध नहीं कराती है तो संस्था को जिले में ब्लैक लिस्ट करने के साथ-साथ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
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संस्था बोली, दो लाख को दिया प्रशिक्षण
संस्था के अफसरों के मुताबिक पोर्टल पर अधिकांश जानकारी डाल दी गई है। हम जिले में अब तक दो लाख ग्रामीणों को डिजिटल साक्षरता का प्रशिक्षण दे चुके है। एक लाभार्थी पर करीब 350 रुपये खर्च किए गए हैं। यदि इसी से आकलन करें तो इन सभी लाभार्थियों पर सात करोड़ रुपया अब तक खर्च हो चुका है। उधर सूत्रों की मानें तो यह खर्च राशि इससे ज्यादा है।
सूचना नहीं मिली तो कार्रवाइ करेंगे : सीडीओ
सीडीओ केपी सिंह ने बताया कि सीएससी संस्था के अफसरों को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया गया है। यदि जानकारी नहीं दी जाती तो संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, जिले में उन्हें ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।

पत्र मिलने पर जवाब दिया जाएगा: नसीम अहमद
सीएससी ई गर्वेनेंस संस्था के जिला प्रबंधक नसीम अहमद का कहना है कि मुझे अभी चेतावनी पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने पर जवाब दिया जाएगा। हमारी जानकारी पोर्टल पर है, वहां से ले सकते हैं। जिले में दो लाख से ज्यादा लोगों को अब तक प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
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