{"_id":"585acbf84f1c1b8e03e3a55e","slug":"diets-do-not-get-many-anganwadi-centers","type":"story","status":"publish","title_hn":"कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर नहीं मिलता आहार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर नहीं मिलता आहार
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 22 Dec 2016 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नजीबाबाद में नगर क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों के आकस्मिक निरीक्षण से हड़कंप मच गया। जांच के लिए आई टीमों को लाभार्थियों ने पोषाहार देने में कोताही बरतने तथा अनियमितताओं का आरोप लगाया।कई केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों में जांच के दौरान कहासुनी हुई।
बाल विकास एवं पुष्टाहार जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के निर्देशन में गठित टीमों ने नजीबाबाद के आंगनबाड़ी केंद्रों के रिकॉर्ड खंगाले। टीमों ने लाभार्थियों से भी बयान लिए। वाल्मीकि बस्ती रम्पुरा केंद्र सहित कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों ने बाल विकास परियोजना में पुष्टाहार वितरण में अनियमितताओं होने, लाभार्थियों को पुष्टाहार न देने का आरोप लगाया।
गर्भवती,धात्री महिलाओं ने सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर पोषाहार वितरण में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मात्रा में भोजन नहीं दिया जाता। जांच टीम में नजीबाबाद से बाहर की सुपरवाइजर लगाई गईं थीं। इस मौके पर अर्चना त्यागी, सुमन रानी के नेतृत्व में की गई जांच में महेश कुमार, हेमलता चौहान, मुर्सरत जहां, राजरानी कंसल, आभा रानी, शोभा वर्मा, अनीता, भावना आदि जांच टीम में शामिल थीं।
विज्ञापन
नजीबाबाद नगर क्षेत्र के 36 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 31 केंद्रों की एक साथ जांच की गई। पांच केंद्रों की जांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के विभिन्न कारणों से अवकाश के चलते नहीं की जा सकी।
विज्ञापन
बाल विकास एवं पुष्टाहार जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के निर्देशन में गठित टीमों ने नजीबाबाद के आंगनबाड़ी केंद्रों के रिकॉर्ड खंगाले। टीमों ने लाभार्थियों से भी बयान लिए। वाल्मीकि बस्ती रम्पुरा केंद्र सहित कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों ने बाल विकास परियोजना में पुष्टाहार वितरण में अनियमितताओं होने, लाभार्थियों को पुष्टाहार न देने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
गर्भवती,धात्री महिलाओं ने सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर पोषाहार वितरण में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मात्रा में भोजन नहीं दिया जाता। जांच टीम में नजीबाबाद से बाहर की सुपरवाइजर लगाई गईं थीं। इस मौके पर अर्चना त्यागी, सुमन रानी के नेतृत्व में की गई जांच में महेश कुमार, हेमलता चौहान, मुर्सरत जहां, राजरानी कंसल, आभा रानी, शोभा वर्मा, अनीता, भावना आदि जांच टीम में शामिल थीं।
विज्ञापन
नजीबाबाद नगर क्षेत्र के 36 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 31 केंद्रों की एक साथ जांच की गई। पांच केंद्रों की जांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के विभिन्न कारणों से अवकाश के चलते नहीं की जा सकी।