{"_id":"63752105ae2dcd4b4a15a1a3","slug":"dhampur-mill-made-1-25-lakh-quintal-sugar-dhampur-news-mrt613937778","type":"story","status":"publish","title_hn":"धामपुर मिल ने बनाई सवा लाख क्विंटल चीनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धामपुर मिल ने बनाई सवा लाख क्विंटल चीनी
विज्ञापन
धामपुर मिल ने बनाई सवा लाख क्विंटल चीनी
धामपुर। धामपुर चीनी मिल एक लाख 32 हजार क्विंटल गन्ने की 24 घंटे के भीतर पेराई कर रही है। जबकि चीनी मिल की क्षमता एक लाख 40 हजार क्विंटल है। चीनी मिल के उप गन्ना महाप्रबंधक ओमवीर सिंह का कहना है कि मिल को पूरी क्षमता के अनुरूप चलाने का प्रयास किया जा रहा है। 18 दिन में मिल ने सवा लाख क्विंटल चीनी बनाई है।
धामपुर चीनी मिल पिछले दो पेराई सत्रों से देश की अन्य चीनी मिलों की तुलना में पेराई के क्षेत्र में नंबर वन का खिताब हासिल करती आ रही है। अधिकारियों का इस बार भी पिछले रिकॉर्ड को दुहराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। चीनी मिल का पेराई सत्र 28 अक्टूबर को शुरू हुआ है। 18 दिन के पेराई काल में अब तक मिल 20 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर करीब सवा लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन कर चुकी है। चीनी मिल की ओर से 14 दिन में किसानों को उनके गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा रहा है। समितियों को करीब 1.35 लाख क्विंटल का इंडेंट प्रतिदिन भेजा जा रहा है। जिससे क्षेत्र के किसान खेतों में पेड़ी गन्ने की जल्द पेराई कर खाली खेतों में गेहूं आदि की फसलों की समय से बुवाई कर सकें।
विज्ञापन
धामपुर। धामपुर चीनी मिल एक लाख 32 हजार क्विंटल गन्ने की 24 घंटे के भीतर पेराई कर रही है। जबकि चीनी मिल की क्षमता एक लाख 40 हजार क्विंटल है। चीनी मिल के उप गन्ना महाप्रबंधक ओमवीर सिंह का कहना है कि मिल को पूरी क्षमता के अनुरूप चलाने का प्रयास किया जा रहा है। 18 दिन में मिल ने सवा लाख क्विंटल चीनी बनाई है।
धामपुर चीनी मिल पिछले दो पेराई सत्रों से देश की अन्य चीनी मिलों की तुलना में पेराई के क्षेत्र में नंबर वन का खिताब हासिल करती आ रही है। अधिकारियों का इस बार भी पिछले रिकॉर्ड को दुहराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। चीनी मिल का पेराई सत्र 28 अक्टूबर को शुरू हुआ है। 18 दिन के पेराई काल में अब तक मिल 20 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर करीब सवा लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन कर चुकी है। चीनी मिल की ओर से 14 दिन में किसानों को उनके गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा रहा है। समितियों को करीब 1.35 लाख क्विंटल का इंडेंट प्रतिदिन भेजा जा रहा है। जिससे क्षेत्र के किसान खेतों में पेड़ी गन्ने की जल्द पेराई कर खाली खेतों में गेहूं आदि की फसलों की समय से बुवाई कर सकें।
विज्ञापन