फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   dhakaula mein dahasat kayam

पलायन के फैसले से हड़कंप, ढकौला में अभी भी दहशत का आलम

Sun, 21 Aug 2016 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर Updated Sun, 21 Aug 2016 12:53 AM IST
विज्ञापन
dhakaula mein dahasat kayam
नहटौर के गांव ढकौला में ग्रामीणों से जानकारी लेते भाजपा नेता। - फोटो : अमर उजाला
नहटौर/बिजनौर। गांव ढकौला में धार्मिक स्थलों को लेकर चल रहे विवाद में एक पक्षीय कार्रवाई होने से क्षुब्ध एक समुदाय के लोगों के गांव छोड़ने के फैसले से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। सियासी दल के नेताओं ने भी गांव में पहुंचकर मामले की जानकारी ली है । ग्रामीणों का आरोप है कि मकान बिकाऊ लिखने पर प्रशासन के लोग भी मकानों की कीमत पूछ रहे हैं। ग्रामीण एक पक्षीय कार्रवाई करने वाली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। एसपी ने गांव का दौरा कर ग्रामीणों से वार्ता की है। भाजपा सांसद डा. यशवंत सिंह, जिलाध्यक्ष राजीव सिसौदिया, सुभाष वाल्मीकि ने भी एक समुदाय के लोगों से हालात का जायजा लिया। प्रशासन की मौजूदगी में दोनों समुदायों के लोगों के बीच फिलहाल समझौता करा दिया गया है।
विज्ञापन


गांव ढकौला में दो समुदायों के बीच चल रहे धार्मिक विवाद में तनाव की स्थिति बनी हुई है। विवाद के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिंदू समुदाय के एक परिवार के घर में घुसकर मारपीट की थी। पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई की थी। आरोप है कि हिंदू समुदाय के लोगों को थाने में बैठा लिया था। एक पक्षीय कार्रवाई करने से क्षुब्ध हिंदू समुदाय के लोगों ने गांव छोड़ने का फैसला किया था। अपने मकानों पर घर बिकाऊ लिख दिया गया था। पुलिस की मौजूदगी में एक समुदाय के लोगों को डराया धमकाया जा रहा था। गांव से पलायन करने के ग्रामीणों के निर्णय से पुलिस में हड़कंप मच गया।
विज्ञापन


शनिवार को एसपी उमेश श्रीवास्तव ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की। गांव में शांति बनाए रखने के निर्देश दिए गए।  ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन के लोग भी उनके मकानों की कीमत पूछ कर उनका अपमान कर रहे हैं।  नगीना लोकसभा के सांसद डा. यशवंत सिंह, जिलाध्यक्ष राजीव सिसोदिया, महामंत्री मुकेन्द्र त्यागी, सुभाष वाल्मीकि, संजीव त्यागी, शोभित त्यागी, प्रेमचंद छाछर आदि ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीणों ने भाजपा नेताओं को बताया कि पुलिस के संरक्षण में दूसरे समुदाय के लोग उनको डरा धमका रहे हैं। उन्हें किसी अनहोनी का डर सता रहा है। इसलिए उन्होंने गांव छोड़ने का फैसला किया है। वार्ता के बाद एसडीएम धामपुर सतेंद्र कुमार सिंह, सीओ अशोक कुमार, तहसीलदार जगन्नाथ सिंह के सामने भाजपा नेताओं के साथ ग्रामीणों ने अपनी बात की। ग्रामीण मारपीट करने वालों और एक पक्षीय कार्रवाई करने वालों एसओ अता मोहम्मद व अन्य पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed